नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) रविवार 21 जून को होने वाले NEET-UG री-एग्जाम से पहले देशभर में मॉक ड्रिल कर रही है। NTA ने कहा है कि वह NEET-UG री-एग्जाम के लिए पूरी तरह तैयार है। उसने बताया है कि एग्जाम मटीरियल को सुरक्षित रूप से लाने-ले जाने की ज़िम्मेदारी ज़िला प्रशासन, पुलिस फ़ोर्स और 'एस्कॉर्ट' टीमों को सौंपी गई है।

NEET-UG एग्जाम मूल रूप से इस साल 3 मई को हुआ था, लेकिन क्वेश्चन पेपर लीक होने के आरोपों के बीच NTA ने इसे 12 मई को रद्द कर दिया था। CBI इस मामले की जांच कर रही है।

NTA के अनुसार, री-एग्जाम दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:15 बजे तक होगा। देश के 551 शहरों और विदेश के 14 शहरों में इस परीक्षा के लिए 22.79 लाख से ज़्यादा उम्मीदवारों ने रजिस्ट्रेशन कराया है।

6,669 इनविजिलेटर तैनात

NTA के अनुसार, री-एग्जाम कराने के लिए अलग-अलग एजेंसियों और प्रशासन के बीच तालमेल बिठाया गया है। एजेंसी ने कहा कि शहर के लेवल पर इंतज़ामों की निगरानी के लिए 674 सिटी कोऑर्डिनेटर नियुक्त किए गए हैं, जबकि परीक्षा केंद्रों पर स्वतंत्र निगरानी के लिए 6,669 इनविजिलेटर तैनात किए गए हैं। हर परीक्षा केंद्र पर सुपरिटेंडेंट और इनविजिलेटर नियुक्त किए गए हैं।

दो लाख से ज़्यादा कर्मचारी तैनात

NTA ने कहा कि री-एग्जाम को सुचारू और निष्पक्ष रूप से कराने के लिए पुलिस और ज़िला प्रशासन के अधिकारियों सहित दो लाख से ज़्यादा कर्मचारियों को तैनात किया गया है। NTA ने कहा, “इन कदमों में सीलबंद प्रोटोकॉल के तहत एग्जाम मटीरियल को सुरक्षित रूप से संभालना, मटीरियल लाने-ले जाने के लिए पुलिस एस्कॉर्ट के साथ GPS-इनेबल्ड गाड़ियां उपलब्ध कराना, सभी परीक्षा केंद्रों पर CCTV निगरानी और आधार-बेस्ड बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन शामिल हैं।”

NTA ने बताया कि परीक्षा केंद्रों में घुसने से पहले उम्मीदवारों की मेटल डिटेक्टर से जांच की जाएगी और हर केंद्र पर अतिरिक्त उपकरण तैनात किए गए हैं। 

धर्मेंद्र प्रधान ने लिया तैयारियों का जायजा

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने गुरुवार को NEET की दोबारा परीक्षा की तैयारियों का जायजा लेने के लिए शिक्षा मंत्रालय, राज्य सरकारों, NTA और उच्च शिक्षा संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्च-स्तरीय बैठक की।

मंत्री ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे दोबारा परीक्षा को निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से आयोजित करने के लिए सतर्क और पूरी तरह तैयार रहें। उन्होंने राज्य सरकारों के नोडल अधिकारियों से कहा कि वे यह सुनिश्चित करें कि छात्रों को सभी जरूरी सुविधाएं मिलें ताकि वे तनाव-मुक्त माहौल में दोबारा परीक्षा दे सकें। बैठक में मौजूद NTA के महानिदेशक अभिषेक सिंह ने कहा कि NTA सभी संबंधित पक्षों के साथ मिलकर काम कर रहा है।

हाल ही में NEET-UG पेपर लीक के आरोपों को लेकर पूरे देश में काफी राजनीतिक हंगामा हुआ है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी समेत विपक्षी दलों ने इस मुद्दे पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की है। परीक्षा में हुई गड़बड़ियों को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी मंत्री के इस्तीफे की मांग की गई है। इस स्थिति को देखते हुए, NTA के सामने परीक्षा को सुचारू और पारदर्शी तरीके से आयोजित करने की एक बड़ी चुनौती है।