अब नगरीय निकायों में अध्यक्ष के विरुध्द तीन साल से पहले अविश्वास प्रस्ताव नहीं आ पायेगा


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स्टोरी हाइलाइट्स

प्रदेश की नगरीय निकायों जिनमें नगर निगम, नगर पालिका एवं नगर परिषद तीनों शामिल हैं, के अध्यक्ष के खिलाफ तीन साल से पहले अविश्वास प्रस्ताव नहीं लाया जा सकेगा..!!

भोपाल: अब प्रदेश की नगरीय निकायों जिनमें नगर निगम, नगर पालिका एवं नगर परिषद तीनों शामिल हैं, के अध्यक्ष के खिलाफ तीन साल से पहले अविश्वास प्रस्ताव नहीं लाया जा सकेगा। यह नया प्रावधान मप्र विधानसभा में पिछले शीतकालीन सत्र में पारित दो विधेयकों को राज्यपाल द्वारा मंजूरी प्रदान करने से लागू हो गया है जो अब अधिनियम बन गये हैं। इनमें मप्र नगर पालिक निगम संशोधन अधिनियम 2024 तथा मप्र नगर पालिका द्वितीय संशोधन अधिनियम 2024 शामिल हैं।

दोनों अधिनियमों में यह भी प्रावधान किया गया है कि नगरीय निकाय के अध्यक्ष बिना किसी दबाव के कार्य कर सकें, इसलिये इन्हें हटाने के लिये अब दो तिहाई बहुमत के स्थान पर तीन चौथाई बहुमत जरुरी होगा। 

उल्लेखनीय है कि मप्र नगर पालिका द्वितीय संशोधन अधिनियम 2024 में नगर पालिका एवं नगर परिषद के अध्यक्ष या उपाध्यक्ष दोनों को शामिल किया गया है तथा इसका प्रावधान 27 अगस्त 2024 को अध्यादेश के जरिये लागू किया गया था जो सिर्फ छह माह तक प्रभावी रह सकता था। इसलिये इसे विधानसभा के शीतकालीन सत्र में पारित कराया गया और राज्यपाल की मंजूरी से यह स्थाई रुप में आ गया है। 

राज्य सरकार ने नगर निगमों के अध्यक्षों के लिये भी उक्त प्रावधान लाने के लिये विधानसभा के शीतकालीन सत्र में विधेयक पारित किया तथा यह भी राज्यपाल की स्वीकृति से अब स्थाई हो गया है, हालांकि इसका पूर्व में अध्यादेश जारी नहीं हुआ था।