भोपाल: प्रदेश स्तर पर सौ से अधिक जनसंख्या वाली ऐसे ग्रामों की बसाहटें जो बारहमासी सडक़ों से कनेक्टेड नहीं हैं, को अब इनसे कनेक्ट किया जायेगा। ऐसी बसाहटों के चिन्हांकन का कार्य एमपी इलेक्ट्रानिक विकास निगम ने सेटेलाईट मैप से किया है और अब इनका भौतिक सत्यापन मैदानी स्तर पर किया जाना है।
पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रमुख सचिव दीपाली रस्तोगी ने सभी जिला पंचायतों के सीईओ को निर्देश जारी कर कहा है कि वे संपर्कता सर्वे मोबाइल एप के माध्यम से यह भौतिक सत्यापन करायें जिसमें पंचायत स्तर पर ग्राम रोजगार सहायक/सचिव को लगाया जाये जो उक्त एप पर भौतिक सत्यापन रजिस्टर करें। जिला स्तर पर मप्र ग्रामीण सडक़ विकास प्राधिकरण के महाप्रबंधक एप में रजिस्टर भौतिक सत्यापन को एप्रूव करेंगे एवं दैनिक प्रगति से जिला पंचायत सीईओ को अवगत करायेंगे। यह कार्य 15 मार्च 2025 तक पूर्ण करने के निर्देश दिये गये हैं।
उल्लेखनीय है कि प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में बारहमासी संपर्कता सुनिश्चित करने के लिये केंद्र एवं राज्य प्रवर्तित विभिन्न योजनाओं यथा पीएम ग्राम सडक़ योजना, पीएम जनमन योजना, सीएम ग्राम सडक़ योजना, सुदूर ग्राम सडक़ संपर्क योजना आदि के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों में पात्रतानुसार 500, 250 एवं 100 से अधिक जनसंख्या की बसाहटों को संपर्कता प्रदान की जा रही है। कार्यकुशलता की दृष्टि से अब प्रदेश स्तर पर 100 से अधिक जनसंख्या वाली ऐसी ग्रामीण बसाहटें जो बारहमासी सडक़ों से कनेक्टेड नहीं हैं, संपर्कता हेतु ली जा रही हैं।