केंद्र सरकार ने वित्त सचिव तुहिन कांत पांडे को भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) का प्रमुख नियुक्त किया है। वह वर्तमान सेबी प्रमुख माधबी बुच का स्थान लेंगे। दरअसल, माधबी बुच का कार्यकाल 28 फरवरी को समाप्त हो रहा है। ऐसे में तुहिन कांत पांडेय 28 फरवरी को ही कार्यभार संभालेंगे। तुहिन कांत पांडे अगले 3 वर्षों तक सेबी के अध्यक्ष पद पर बने रहेंगे।
तुहिन कांत पांडे मोदी सरकार में सचिव के तौर पर चार महत्वपूर्ण विभागों को संभाल रहे हैं। ऐसे में तुहिन कांत पांडे का नाम मोदी सरकार के सबसे व्यस्त सचिवों में शामिल है। तुहिन कांत पांडे को 7 सितंबर 2024 को केंद्र सरकार द्वारा वित्त सचिव नियुक्त किया गया। नवनियुक्त सेबी प्रमुख तुहिन कांत पांडे का कहना है, कि “सरकार ने जिम्मेदारी दी है, मैं वहां जाऊंगा और ज्वाइन करूंगा। लेकिन अभी ये तय नहीं है, कि कब ज्वाइन करना है।”
वहीं, वर्तमान सेबी प्रमुख माधबी बुच ने 20 फरवरी 2022 को पद ग्रहण किया। अब उनके कार्यकाल के तीन वर्ष पूरे हो गये हैं। आपको बता दें कि माधबी बुच ने अपने करियर की शुरुआत आईसीआईसीआई बैंक से की थी। उन्होंने 2007 से 2009 तक आईसीआईसीआई बैंक की कार्यकारी निदेशक के रूप में भी कार्य किया। उनका कार्यकाल बहुत लंबा रहा है।
प्रमुख रिपोर्टों के अनुसार, माधबी बुच के पास 30 वर्षों से अधिक का अनुभव है। उन्होंने सेबी की लगभग सभी समितियों में कार्य किया है। वह सेबी की सलाहकार समिति के सदस्य भी रहे हैं। हालाँकि, अब उनका कार्यकाल 28 फरवरी को समाप्त हो रहा है।
तुहिन कांत पांडे की बात करें तो वह ओडिशा कैडर के 1987 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। वित्त मंत्रालय ने नए अध्यक्ष की नियुक्ति के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि 27 जनवरी निर्धारित की थी। आपको बता दें कि अब सेबी के नए प्रमुख के रूप में तुहिन कांत पांडे को केंद्र सरकार के सचिव के समान वेतन और अन्य सुविधाएं दी जाएंगी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, घर और टैक्स के बिना तुहिन कांत पांडे को 5,62,500 रुपये प्रति माह वेतन मिलेगा।