प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' के जरिए देशवासियों को संबोधित किया। कार्यक्रम के 104 वे एपिसोड में प्रधानमंत्री मोदी ने मिशन चंद्रयान को नए भारत की स्पिरिट का प्रतीक बताया। पीएम मोदी ने कार्यक्रम में अपनी कविता भी पढ़ी।
पीएम मोदी ने कहा कि चंद्रयान की सफलता बहुत बड़ी है। हर ओर इसकी चर्चा हो रही है। चंद्रयान की सफलता ने बता दिया है कि सफलता के कुछ सूरज चांद पर भी उगते हैं। चंद्रयान नए भारत की उस स्पिरिट का प्रतीक बन गया है, जो हर हाल में जीतना चाहता है और हर हाल में जीतना जानता भी है।
पीएम मोदी ने कहा कि चंद्रयान-3 की सफलता में हमारे वैज्ञानिकों के साथ अलग-अलग सेक्टर्स की भी भूमिका रही है। जब सबका प्रयास रहा, तब सफलता भी मिली। यही चंद्रयान की सबसे बड़ी सफलता रही। मैं आशा करता हूं कि हमारा स्पेस सेक्टर इसी तरह आगे भी सबके प्रयास से सफलता हासिल करेगा।
चंद्रयान मिशन की तारीफ की और कहा कि इस उपलब्धि के बारे में जितनी बात की जाए कम है।
प्रधानमंत्री मोदी ने चंद्रयान-3 मिशन की सफलता पर एक कविता सुनाई...
'आसमान में सिर उठाकर
घने बादलों को चीरकर
रोशनी का संकल्प लें
अभी तो सूरज उगा है।
दृढ़ निश्चय के साथ चलकर
हर मुश्किल को पार कर
घोर अंधेरे को मिटाने
अभी तो सूरज उगा है।'
पीएम मोदी ने बताया कि अगले महीने होने वाली जी20 समिट के लिए भारत तैयार है। इसमें हिस्सा लेने के लिए 40 देशों के राष्ट्राध्यक्ष भारत आ रहे हैं। अपनी अध्यक्षता के दौरान भारत ने जी20 को और ज्यादा इन्क्लुसिव फोरम बनाया है। भारत केे निमंत्रण पर ही अफ्रीकी देशों के राष्ट्राध्यक्ष इस कार्यक्रम से जुड़ेंगे। जी20 की हमारी प्रेसिडेंसी पीपुल्स प्रेसिडेंसी है, जिसमें जनभावना की भावना सबसे आगे है। इसे लेकर देशभर में जो आयोजन हुए हैं, उनमें किसी न किसी तरह से देश के डेढ़ करोड़ लोग जुड़े हैं।