राजपथ अब से अपने नए नाम "कर्तव्यपथ" से जाना जाएगा। NDMC ने अपनी बैठक में इसे मंजूरी दे दी है। केंद्रीय मंत्री मीनाक्षी लेखी ने इसे ऐतिहासिक फैसला बताते हुए सभी देशवासियों को बधाई दी। उन्होंने ट्विट करते हुए लिखा कि राजपथ का नाम बदलने का निर्णय मातृभूमि की सेवा के लिए हमारी प्रतिबद्धता की पुष्टि करता है।

राजपथ राष्ट्रपति भवन से इंडिया गेट तक की सड़क है, जिसकी लंबाई 3 किमी है। हर साल गणतंत्र दिवस पर राजपथ पर ही परेड का आयोजन किया जाता है। केंद्र सरकार ने हाल ही में इसका नाम बदलकर "कर्तव्यपथ" करने का फैसला किया है। इसे अंतिम रूप देने के लिए नई दिल्ली नगर निगम (NDMC) ने आज एक बैठक बुलाई। बैठक में नाम बदलने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। अब इंडिया गेट पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा से लेकर राष्ट्रपति भवन तक की पूरी सड़क और क्षेत्र "कर्तव्यपथ" के नाम से जाना जाएगा।

पीएम करेंगे सेंट्रल विस्टा एवेन्यू का उद्घाटन-

सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के तहत विजय चौक से इंडिया गेट तक सेंट्रल विस्टा एवेन्यू का काम पूरा कर लिया गया है। 8 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसका उद्घाटन करेंगे। इंडिया गेट से राष्ट्रपति भवन तक राजपथ के दोनों ओर के क्षेत्र को सेंट्रल विस्टा कहा जाता है। अब राजपथ का नाम बदलकर "कर्तव्यपथ" कर दिया गया है।

 

102 साल में तीसरी बार बदला नाम-

तीसरी बार राजपथ का नाम बदला गया है। ब्रिटिश शासन के दौरान इस सड़क को किंग्सवे कहा जाता था। आजादी के बाद इसका नाम बदलकर 'राजपथ' कर दिया गया, जो कि किंग्सवे का हिंदी अनुवाद है। अब इसका नाम बदलकर "कर्तव्यपथ" कर दिया गया है।

क्या है राजपथ का इतिहास?

1911 में जब अंग्रेजों ने अपनी राजधानी को कोलकाता से दिल्ली स्थानांतरित किया, तो नई राजधानी को डिजाइन करने की जिम्मेदारी एडविन लुटियन और हर्बर्ट बेकर को दी गई। राजपथ 1920 में बनकर तैयार हुआ था। तब इसे किंग्सवे कहा जाता था जिसका अर्थ है 'किंग्स वे'।

1905 में, लंदन में जॉर्ज पंचम के पिता के सम्मान में किंग्सवे नाम की एक सड़क बनाई गई थी। दिल्ली में उनके सम्मान में बनी इस सड़क का नाम भी किंग्सवे रखा गया। जॉर्ज पंचम 1911 में दिल्ली आए थे, जब उन्होंने नई राजधानी की घोषणा की थी।

आजादी के बाद इसका नाम बदलकर 'राजपथ' कर दिया गया। हालाँकि, यह किंग्सवे का ही हिंदी अनुवाद था। गणतंत्र दिवस परेड 75 साल से राजपथ पर हो रही है। अब केंद्र सरकार ने इसका नाम बदलकर "कर्तव्यपथ" कर दिया है।