शरीर को शेप में लाने और फैट से फिट रहने के लिए बारबेल स्क्वाट्स बेहतरीन एक्सरसाइज है। इससे शरीर में लचीलापन आता है और मांसपेशियों को मजबूती मिलती है। इसे डेली वर्कआउट के साथ कर अपनी फिटनेस को मेंटेन किया जा सकता है।
अपने पोस्चर का विशेष ध्यान रखें। घुटनों या कमर में दर्द हो तो इसे न करें। किसी की देखा देखी इसे न करें। इसे करते हुए ज्यादा खिंचाव महसूस हो तो डॉक्टर से संपर्क करें।
» बढ़ता है स्टेमिना,
» मोटापा होगा कम,
इससे मेटाबॉलिज्म बढ़ता है और कैलोरी बर्न होती हैं। इस तरह वजन कम करने के लिए यह एक्सरसाइज बेहतर है। यह आपकी बढ़ती उम्र की गति को धीमा करके आपको अधिक समय तक जवान बनाए रखने में मदद करती है।
250 कैलोरी बर्न होती है लगभग 30 मिनट इस वर्कआउट को करने से। इसके फायदे..
» बैलेंस बनाता,
» रक्त संचार बढ़ता है,
सीधे खड़े हो जाएं। दोनों पैरों में शोल्डर के बराबर गैप रखें। इस दौरान सीना ऊपर की तरफ और सिर सामने की ओर होना चाहिए। अब घुटनों को मोड़कर सामने झुकें और बारबेल को अपनी क्षमतानुसार वॅट के साथ बैक शोल्डर ट्रेप पर रखें।
इस वक्त ध्यान रखें कि घुटने टोज से बाहर न जाएं। बारबेल से स्क्वाट्स करते वक्त नीचे जाते समय गहरी सांस लें और ऊपर आते वक्त सांस छोड़ दें। शुरुआत में इसके 10-10 के तीन सेट लगाएं। धीरे-धीरे रिपीटेशन और वेट बढ़ाएं।
इस वर्कआउट से स्टेमिना बढ़ता है, जिससे हम अपना काम बेहतर तरीके से कर पाते हैं। इससे कार्य करने की क्षमता में इजाफा होता है। यह आपकी इम्यूनिटी बढ़ाता है और आप कई गंभीर बीमारियों जैसे कैंसर या हार्ट प्रॉब्लम से बचे रह सकते हैं।
कैसे करें:
इसे रोज करने से रक्त संचार बढ़ता है। यह शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बनाए रखने में आपकी मदद करता है। इससे दिमाग का विकास होता है और नई ब्रेन सेल्स बनने में भी मदद मिलती है। और शरीर मजबूत बनता है, बल्कि शरीर का संतुलन भी अच्छा होता है। यह एक्सरसाइज उम्र बढ़ने पर गिरने और फ्रैक्चर होने का खतरा कम करने में आपकी मदद करती है।
बरतें सावधानी:
-इसे करने से पहले वार्म अप जरूर करें।
-शुरुआत में इसे ट्रेनर की मदद से ही करें।
-अपने पोस्चर का विशेष ध्यान रखें।
-घुटनों या कमर में दर्द हो तो इसे न करें। किसी की देखा देखी इसे न करें।
इसे करते हुए ज्यादा खिंचाव महसूस हो तो डॉक्टर से संपर्क करें।