भारत जोड़ो यात्रा 7 सितंबर को तमिलनाडु के कन्याकुमारी से शुरू हुई थी। राहुल गांधी के नेतृत्व वाली यात्रा इस समय राजस्थान से होकर गुजर रही है। शुक्रवार को यात्रा के 100 दिन पूरे हो गए। यात्रा के 100 दिन पूरे होने के बाद कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ आज राजस्थान के दौसा से अपनी 'भारत जोड़ो यात्रा' की शुरुआत की है।
राहुल गांधी भारत जोड़ो यात्रा के दौरान गुरुवार शाम दौसा में एक किसान के घर रुके और हाथ से चलने वाली मशीन से चारा काटा। पार्टी के आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर राहुल गांधी की चारा काटने वाली मशीन चलाते हुए तस्वीरें साझा की गई थीं। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी मशीन पर हाथ आजमाया।
राजस्थान के दौसा जिले से गुजर रही यात्रा के दौरान, राहुल ने खिलाड़ियों, किसानों और अन्य लोगों से भी बातचीत की। बॉक्सर स्वीटी बूरा और भारतीय राष्ट्रीय कबड्डी टीम के कप्तान दीपक हुड्डा गुरुवार को यात्रा में शामिल हुए।
इस पर राहुल गांधी ने फेसबुक पर पोस्ट किया था कि, "मैं आज भारत के खेल जगत के सुपरस्टार्स के साथ चलने के लिए सम्मानित महसूस कर रहा हूं।" "इन अविश्वसनीय चैंपियंस ने भारत को गौरव दिलाने के लिए अपना पसीना और खून दिया है। उन्होंने कई बलिदान दिए हैं और ओलंपिक, राष्ट्रमंडल खेलों और अन्य अंतरराष्ट्रीय खेल टूर्नामेंटों में देश को गौरवान्वित करने के लिए खुद को आगे बढ़ाया है।"
गांधी के अनुसार, गुरुवार को यात्रा में शामिल होने वालों में राष्ट्रमंडल स्वर्ण पदक विजेता और ओलंपियन कृष्णा पूनिया, एशियाई स्वर्ण पदक विजेता भूपिंदर सिंह, ओलंपियन रेस वॉकर सपना पूनिया, द्रोणाचार्य पुरस्कार विजेता वीरेंद्र पूनिया, महाराणा प्रताप पुरस्कार विजेता हीरानंद कटारिया और योग विश्व रिकॉर्ड धारक शामिल हुए थे।
इससे पहले, कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने मंगलवार को कहा कि पार्टी की 'भारत जोड़ो यात्रा' राजनीतिक यात्रा नहीं है, बल्कि देश के लोगों को एकजुट करने का अभियान है। भारत जोड़ो यात्रा का नेतृत्व कर रहे कांग्रेस नेता राहुल गांधी हर दिन 30 किलोमीटर पैदल चल रहे हैं। पायलट ने इसी बीच मीडिया से बात करते हुए कहा कि लोग राहुल गांधी की सराहना कर रहे हैं और उनसे जुड़ने की कोशिश कर रहे हैं।
पूर्व उपमुख्यमंत्री ने कहा, "राहुल गांधी लगभग 100 दिनों से लगातार भारत जोड़ो यात्रा का हिस्सा रहे हैं। इतिहास रचा गया है वहीं भाजपा इससे बहुत परेशान है। वे चिंतित है कि इतने लोग कैसे जुड़ रहे हैं।" पायलट ने कहा कि यात्रा में सभी वर्गों के लोग शामिल हो रहे हैं।
भारत जोड़ो यात्रा से राहुल गांधी की राजनीतिक छवि में बदलाव दिखाई देने लगा है। राहुल गांधी को सियासत में कदम रखे करीब दो दशक हो रहे हैं, लेकिन 'भारत जोड़ो यात्रा' से पहले तक उन्हें एक गंभीर नेता के तौर पर नहीं देखा जा रहा था लेकिन राहुल गांधी इस 100 दिनों की यात्रा से अब उस मुकाम तक पहुँचते नज़र आ रहे हैं जिसके लिए बीते 18 सालों से वे संघर्ष करते नज़र आ रहे थे।