भोपाल: प्रदेश के सौ साल से भी अधिक तीन पुराने बांधों सहित कुल 27 बांधों की अब 551 करोड़ 20 लाख रुपये व्यय कर मरम्मत एवं सुदृढ़ीकरण होगा। इसके लिये राज्य के जल संसाधन विभाग ने प्रशासकीय स्वीकृति जारी कर दी है। जल्द इसके टेण्डर जारी किये जायेंगे। इन बांधों की मरम्मत बाह्य वित्त पोषित परियोजना अंतर्गत बांध सुदृढ़ीकरण एवं उन्नयन परियोजना चरण-2 (ड्रिप-2) के तहत होगी। यह प्रशासकीय स्वीकृति केबिनेट की मंजूरी के बाद दी गई है।
उल्लेखनीय है कि सौ साल से भी पुराने बांधों में श्योपुर जिले का बीरपुर टैंक प्रोजेक्ट बांध वर्ष 1908 में, धार जिले का वर्ष 1913 में बना माही प्रोजेक्ट बांध तथा सिवनी जिले का वर्ष 1910 में बना रुमल टैंक प्रोजेक्ट बांध शामिल है जबकि इंदौर जिले का देपालपुर टैंक प्रोजेक्ट बांध 91 वर्ष पूर्व साल 1931 में बना और सागर जिले का चंदिया नाला टैंक प्रोजेक्ट बांध 96 साल पहले वर्ष 1926 में बना।
इसी प्रकार, अन्य बांध खण्डवा जिले का भगवंत सागर सुक्ता बांध वर्ष 1985 में, बैतूल जिले का चंदोरा बांध वर्ष 1986 में, इंदौर जिले का चोरल बांध वर्ष 1988 में, होशंगाबाद जिले का डोकरीखेड़ा बांध वर्ष 1956 में, मंदसौर जिले का गांधी सागर बांध वर्ष 1960 में तथा इसी जिले का काका साहेब गाडगिल सागर बांध वर्ष 2007 में और रेताम बांध वर्ष 2011 में, भोपाल जिले का हथाईखेड़ा बांध वर्ष 1962 में एवं इसी जिले का कलियासोत बांध वर्ष 1991 में और केरवा बांध वर्ष 1973 में, सीधी जिले का कंचन टैंक बांध वर्ष 1979 में, शिवपुरी जिले का कुडा टैंक बांध वर्ष 1982 में, सागर जिले का मंसूरवारी टैंक बांध वर्ष 1978 में एवं इसी जिले का राजघाट बांध वर्ष 2011 में, मण्डला जिले का मटियारी बांध वर्ष 1986 में, टीकमगढ़ जिले का नंदनवाड़ा टेंक बांध वर्ष 1964 में एवं इसी जिले का वीर सागर बांध वर्ष 1970 में, आगर मालवा जिले का पोपलियाकुमार टेंक बांध वर्ष 1980 में, रतलाम जिले का रुपनियाखाल टैंक बांध वर्ष 1997 में, धार जिले का सकल्दा बांध वर्ष 1981 में, शाजापुर जिले का तिल्लार बांध वर्ष 1987 में तथा कटनी जिले का बोहरीबंद बांध वर्ष 1998 में बना हुआ है। अब इन सभी 27 बांधों की मरम्मत एवं सुदृढ़ाकरण होगा।