भोपाल: चीता प्रोजेक्ट के तहत दक्षिण अफ्रीका से 18 फरवरी को कूनो नेशनल पार्क में 12 चीते लाए जा रहे हैं. इस बार भी एमपी सरकार और यहां के अफसरों की अनदेखी की जा रही है. दक्षिण अफ्रीका चीता लेने जा रही टीम में एक भी आला अफसर एमपी का नहीं है.
जबकि टीम में महानिदेशक वन सीपी गोयल के नजदीकी रिश्तेदार एवं कस्टम अधिकारी अनीश गुप्ता को दूसरी बार शामिल किया गया है. गुप्ता को टीम में शामिल करने के फेर में भारत के इकलौते चीता एक्सपर्ट वैज्ञानिक डॉ. वायपी झाला को भी दूर कर दिया है.
दक्षिण अफ्रीका से चीता लेने जाने वाली टीम में एनटीसीए आईजी अमित मलिक, डीआईजी राजेंद्र गढ़वार, डीजी फॉरेस्ट गोयल के रिश्तेदार अनीश गुप्ता और भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान के डॉक्टर शामिल हैं. यानी इस टीम में पीसीसीएफ वन्य प्राणी जेएस चौहान और कूनो नेशनल पार्क के फील्ड डायरेक्टर उत्तम शर्मा में से किसी एक को भी शामिल नहीं किया गया.
इसके पहले भी साउथ अफ्रीका गई ऑफिशियल प्रतिनिधिमंडल में भी प्रदेश का कोई भी फॉरेस्ट अफसर शामिल नहीं किया गया था. दिलचस्प पहलू यह है कि चीता प्रोजेक्ट को लेकर प्रदेश के अफसरों से सलाह मशविरा तक नहीं की जा रही है.
तारीख तय होने के बाद दी सूचना-
दक्षिण अफ्रीका से चीता को भारत लाने की तारीख तय हो जाने के बाद केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय ने प्रदेश सरकार को सूचना दी कि 18 फरवरी को 12 चीता दक्षिण अफ्रीका से आ रहे हैं. इसके पहले केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय के किसी भी अधिकारी ने राज्य सरकार के मंत्री और अफसरों से कोई चर्चा नहीं की.
यही नहीं, केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने अपने दौरा कार्यक्रम बनाकर भेज दिया. केंद्रीय मंत्री यादव 3 दिन दिवसीय दौरे पर मध्य प्रदेश आ रहे हैं. 16 फरवरी को पन्ना नेशनल पार्क जाएंगे और 18 को कूनो नेशनल पार्क पहुंचेंगे.
डॉ.झाला चीता प्रोजेक्ट से किए गए बेदखल-
चीता के इकलौते वैज्ञानिक डॉ. वाय पी झाला को भी वन महानिदेशक भारत सरकार गोयल ने अपने राजनीतिक रसूख के चलते बेदखल करवा दिया. जबकि डॉ. झाला 14 सालों से चीता प्रोजेक्ट से जुड़े रहे हैं. यही नहीं, झाला ने ही चीता को भारत लाने के लिए एक्शन प्लान तैयार किया था. चर्चा है कि डॉ. झाला की कार्यशैली डीजी फारेस्ट को रास नहीं आ रही थी.
कौन है अनीश गुप्ता-
डीजी फारेस्ट के नजदीकी रिश्तेदार एवं दक्षिण अफ्रीका जाने वाली टीम में शामिल 2009 बैच के भारतीय राजस्व सेवा के अधिकारी अनीश गुप्ता हैं. इन्हें 22 अगस्त 2013 को सतर्कता महानिदेशानालय द्वारा निलंबित किया गया था. गुप्ता पर दो करोड़ रुपए की मांग करने संबंधित आरोप था.
इसकी सतर्कता महानिदेशालय जांच के बाद उन्हें निलंबित किया था. यह बात अलग है कि राजनीतिक रसूख के चलते गुप्ता बहाल हो गए. फॉरेस्ट के अफसरों ने गुप्ता की यात्रा को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि इस टीम में उनकी उपयोगिता समझ से परे है.