केरल की एक स्थानीय कोर्ट ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के ओबीसी नेता रंजीत श्रीनिवास की हत्या मामले में 14 पीएफआई और 1 एसडीपीआई के सदस्य को दोषी ठहराते हुए कुल 15 लोगों को मौत की सजा सुना दी है. बीजेपी नेता की हत्या करीब दो साल पहले केरल में उनके अलाप्पूझे घर पर की गई थी.
ख़बरों के मुताबिक, रंजीत श्रीनिवास की 19 दिसंबर 2021 को अलाप्पुझा में उनके घर पर हत्या कर दी गई थी. इस मामले में गिरफ्तार सभी आरोपी प्रतिबंधित संगठन PFI के सदस्य थे. इनमें से 8 आरोपियों को कोर्ट ने सीधे हत्या में शामिल पाया है.
इन 8 आरोपियों को धारा 302 (हत्या), 149 (गैरकानूनी जमावड़ा), 449 (मौत की सजा वाले अपराध को अंजाम देने के लिए घर में अतिक्रमण), 506 (आपराधिक धमकी) और 341 (भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) का गलत तरीके से रोकना) का दोषी पाया गया है. जबकि, हत्या के वक्त 9 आरोपी हथियारों से लैस होकर रंजीत के घर के बाहर पहरा दे रहे थे.
कोर्ट ने इन्हें भी आईपीसी की धारा 302 r/w 149 और 447 के तहत दोषी ठहराया है. केरल की अलाप्पूझे एडीजे कोर्ट ने रंजीत श्रीनिवासन की हत्या के दोषी इन सभी 15 पीएफआई और एसडीपीआई सदस्यों को मौत की सजा सुनाई है. यह सजा मावेलिककारा की एडिशनल डिस्ट्रिक्ट जज श्रीदेवी ने सुनाई.
क्या है पूरा मामला?
बता दें कि 19 दिसंबर 2021 को बीजेपी ओबीसी मोर्चा के राज्य सचिव रंजीत श्रीनिवासन की हत्या कर दी गई थी. पीएफआई और एसडीपीआई से जुड़े सदस्यों ने श्रीनिवासन के परिवार के सामने उनके घर पर ही हमला कर हत्या कर दी थी. बीजेपी नेता की हत्या एसडीपीआई नेता केएस शान की हत्या के बाद हुई थी. केएस शान की हत्या एक गिरोह ने की थी. इस हत्या के कुछ घंटों के बाद ही बीजेपी नेता श्रीनिवासन की हत्या कर दी गई. यह तब हुआ जब श्रीनिवासन अलाप्पूझे में अपने घर लौट रहे थे.