भोपाल। राज्य के जल संसाधन विभाग के सोलह इंजीनियर फर्जी जाति प्रमाण-पत्र के कारण सरकार के रडार पर हैं। कार्यालय आयुक्त अनुसूचित जाति विकास ने राज्य स्तरीय छानबीन समिति की अनुशंसा के आधार पर इन सोलह इंजीनियरों के जाति प्रमाण-पत्र आदि दस्तावेज भेजने के लिये जल संसाधन विभाग के प्रमुख अभियंता को शासकीय पत्र जारी किया हुआ है।

अपने शासकीय पत्र में कार्यालय आयुक्त, अनुसूचित जाति विकास ने कहा है कि अनुसूचित जाति के मामलों के संबंध में गठित उच्च स्तरीय छानबीन समिति को प्राप्त शिकायत अनुसार जल संसाधन विभाग के अंतर्गत सोलह लोक सेवकों के द्वारा संदेहास्पद जाति प्रमाण पत्रों के आधार पर शासकीय सेवा प्राप्त की है, जिनमें शामिल हैं : अधीक्षण यंत्रीगण मनोहर लाल कुमावत, कुबेर प्रसाद बागरी, कार्यपालन यंत्रीगण भागचंद कोरी, हरिकिशन मालवीय, रघुवीर सिंह, आशाराम सिंह किरार तथा सहायक यंत्रीगण श्यामकुमार मालवीय, शिवशंकर प्रजापति, राजकुमार प्रजापति, दयाराम कहार, अशोक कुमार मेहरा, विनोद बावने, प्रमोद कुमार मालखेड़े, मोहम्मद खालिद, अनिल कुमार गढ़वाल तथा श्यामकुमार मेहरा। इन अधिकारियों के संबंध में सेवा में आने पर उनके द्वारा प्रस्तुत जाति प्रमाण पत्र की प्रमाणित छाया प्रति, सेवा पुस्तिका के प्रथम पृष्ठ की छाया प्रति, नियुक्ति आदेश की छाया प्रति तथा उक्त अनावेदकों द्वारा सत्यापन हेतु प्रस्तुत किये गये शैक्षणिक अभिलेखों की प्रमाणित प्रतियां उपलब्ध कराई जायें।

विभागीय अधिकारी ने बताया कि राज्य स्तरीय छानबीन समिति ने सोलह इंजीनियरों के जाति प्रमाण-पत्र संदेहास्पद पाये हैं तथा इनके दस्तावेजों की जानकारी संकलित की जा रही है।