मथुरा के बांके बिहारी मंदिर में कृष्ण जन्माष्टमी पर क्षमता से कहीं ज्यादा श्रद्धालु पहुंचने के कारण बड़ा हादसा हो गया। रात दो बजे मंगला आरती के समय भीड़ में 2 श्रद्धालुओं की मौत हो गई। इनकी मौत का कारण दम घुटना बताया जा रहा है। इसके अलावा 6 श्रद्धालुओं को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
यह बात भी सामने आई है कि हादसे के समय मंदिर की छत पर बनी बालकनी से अधिकारियों के परिवार को VIP दर्शन भी कराए जा रहे थे। मंदिर में रात 12 बजे अभिषेक और विशेष श्रृंगार के दौरान कपाट बंद थे। इस दौरान श्रद्धालु मंदिर के प्रांगण में जमा होते रहे।
बांके बिहारी मंदिर वृंदावन का मंदिर संकरी गलीयां ओर मंदिर के छोटे से प्रांगण में भक्तों की भारी भीड का अनियंत्रित होना स्वाभाविक है ऐसे हादसों को रोकने के लिए @UPGovt और @myogiadityanath जी को संज्ञान लेना चाहिए तथा काशी विश्वनाथ मंदिर के तर्ज पर इसका भी विस्तार करना चाहिए। pic.twitter.com/uy8DFqW1ES
— Chaudhari Dhiren #प्रशासक समिति 100℅ Follow Back (@ChaudhariDhir13) August 20, 2022
बताया जाता है कि मंदिर के आंगन में एक साथ करीब 800 भक्त ही आ सकते हैं लेकिन अभिषेक और विशेष श्रृंगार के दौरान बहुत समय तक कपाट बंद रहने के कारण श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ती चली गई और कुछ श्रद्धालुओं का दम घुटने लगा।
मृतकों में एक वृंदावन निवासी रामप्रसाद विश्वकर्मा भी हैं। राम प्रसाद मूल रूप से जबलपुर के रहने वाले हैं। बड़ी बात यह है कि मंदिर में जिस समय हादसा हुआ उस समय DM, SSP, नगर आयुक्त समेत तमाम बड़ी अधिकारी मौजूद थे, उसके बाद भी बदइंतज़ामी के कारण हादसा हो गया।