जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में सोमवार सुबह सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच झड़प हुई. दोनों ओर से भारी फायरिंग हुई. जिसमें सुरक्षाबलों ने 2 आतंकियों को ढेर कर दिया है. कश्मीर पुलिस के मुताबिक सुबह सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच झड़प शुरू हो गई थी.

कश्मीर पुलिस ने कहा कि, सुरक्षा बलों के साथ संघर्ष में मारे गए आतंकवादियों के पास से भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद किया गया है. साथ ही वहां से प्राप्त सामग्री को पुलिस ने जब्त कर लिया है. एक दिन पहले पता चला था कि कुलगाम के हुसैनपोरा इलाके में दो आतंकी छिपे हुए हैं. इलाके में तलाशी अभियान चलाया गया. इस साल 5 जनवरी को भी सुरक्षा बलों और आतंकवादियों के बीच हुई झड़प थी जिसमें तीन आतंकवादी मारे गए थे. मुठभेड़ के बाद आतंकियों के पास से एके-सीरीज राइफल समेत हथियार और गोला-बारूद बरामद किया गया था. 

इस साल की शुरुआत से लेकर अब तक 9 दिनों में कश्मीर घाटी में कुल 7 एनकाउंटर हो चुके हैं, जिसमें 13 आतंकी मारे गए हैं. पुलिस महानिरीक्षक विजय कुमार ने कहा कि दोनों आतंकवादी स्थानीय थे और लश्कर-ए-तैयबा के द रेसिस्टेंस फ्रंट से जुड़े थे. इतना ही नहीं वह कई आतंकी वारदातों में भी शामिल था. जम्मू-कश्मीर पुलिस ने दोनों आतंकियों की पहचान शोपियां के आलमगंज के आमिर अहमद वानी और पुलवामा के टिकान के समीर अहमद खान के रूप में की है.

आतंकी गतिविधियों में था शामिल : 

पुलिस ने कहा कि, आमिर अहमद वानी आतंकवादी था. हालांकि, मारा गया एक अन्य आतंकवादी हाल ही में आतंकवादी समूह में शामिल हुआ था. दोनों कई आतंकवादी अपराधों में शामिल एक समूह का हिस्सा थे. इनके पास से हथियार और गोला-बारूद समेत कई आपत्तिजनक सामग्री बरामद हुई है. उन्होंने बताया कि आतंकियों के पास से एक एके-47 और एक पिस्टल बरामद हुई है. पुलिस ने कहा कि उन्हें आत्मसमर्पण करने का पूरा विकल्प दिया गया था, लेकिन उन्होंने सुरक्षा बलों पर फायरिंग शुरू कर दी. जिसके बाद मुठभेड़ शुरू हो गई. पुलिस के अलावा सेना की 9 राष्ट्रीय राइफल्स और सीआरपीएफ भी ऑपरेशन का हिस्सा थे. श्रीनगर के शालीमार और हरवान इलाकों में दो मुठभेड़ों में एक 'कमांडर' सहित लश्कर-ए-तैयबा के दो आतंकवादियों के मारे जाने के 24 घंटे के भीतर एक नया अभियान शुरू किया गया था.