भोपाल: वन मंत्री विजय शाह ने बुधवार को सदन को आश्वस्त किया कि बहुउद्देशीय बीना परियोजना के अंतर्गत में हुए 20 करोड़ के पौधारोपण घोटाले की जांच ईओडब्ल्यू से कराएंगे। सानिया भी कहा कि इस घोटाले में संलिप्त दो अधिकारियों को हटा दिया है। इस पर कांग्रेस विधायक हर्ष यादव ने डीएफओ स्तर के अधिकारियों को हटाने की मांग की।

विधानसभा में बुधवार को प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस की हर्ष यादव ने बहुउद्देशीय बीना परियोजना के निर्माण में डूब में आई  वन भूमि एवज में क्षतिपूर्ति वनीकरण के नाम पर 20 करोड़ के घोटाले का मुद्दा उठाते हुए कहा कि जांच प्रतिवेदन में दोषी करार दिए गए अधिकारियों के खिलाफ अब तक कोई कार्यवाही नहीं की गई।

यादव ने वन मंत्री का ध्यान आकृष्ट कराया कि छोटे अधिकारियों पर तो कार्रवाई हुई परंतु डीएफओ स्तर के अधिकारियों पर कोई कार्यवाही नहीं की गई। इसका जवाब देते हुए पर मंत्री विजय शाह ने बताया कि सागर जिले के अंतर्गत बिना बहुउद्देशीय परियोजना में डूब में आए वन भूमि के बदले गए गैर वन भूमि एवं बिगड़े क्षेत्रों में वन मंडल दक्षिण सागर में रकबा 166.61 हेक्टेयर उत्तर सागर में रकबा 1206.02 हेक्टेयर में क्षतिपूर्ति वनीकरण कार्य कराए गए।

इस कार में गड़बड़ियां पाई गई है। शाह ने बताया कि रेंजर और एसडीओ के खिलाफ कार्रवाई की गई है, क्योंकि रोपण आसनों के चैन का दायित्व और मॉनिटरिंग इन्हीं अधिकारियों पर होती है। उन्होंने बताया कि इसकी जांच संजय शुक्ला तत्कालीन अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक आईटी और एसपी शर्मा अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक उत्पादन ने की थी।

जांच में दोषी पाए जाने पर अधिकारियों में कर्मचारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई। मंत्री के जवाब से असंतुष्ट हर्ष यादव ने मंत्री का ध्यान आकृष्ट कराते हुए कहा कि जांच प्रतिवेदन मेरे पास है और अखबारों में खबरे भी प्रकाशित हुई है। हर्ष यादव ने प्रकाशित खबर को सदन में दिखाएं। उन्होंने कहा कि 20 करोड के पौधे गायब हुए हैं। इस पर वन मंत्री ने उन्हें ईओडब्ल्यू से जांच कराने का आश्वासन दिया है।