अमरनाथ के पास जल सैलाब के बाद भी लोगों की आस्था में कोई कमी नहीं आई है। इंदौर से अमरनाथ के लिए  रविवार को सीजन का सबसे बड़ा जत्था रवाना होगा। इस जत्थे में करीब 800 यात्री शामिल होंगे। सभी लोग बाबा अमरनाथ के दर्शन करेंगे और अन्य तीर्थस्थल भी जाएंगे।

जत्थे में करीब 250 महिलाएं और बच्चे भी हैं। 15 दिन की इस यात्रा में अमरनाथ के अलावा वैष्णो देवी और बैजनाथ के दर्शन करेंगे। अमरनाथ दर्शन में किसी तरह की मुश्किल आई तो जत्था पहलगाम से ही वापस लौट आएगा। कोरोना के कारण दो साल से अमरनाथ यात्रा बंद थी। ऐसे में शुरुआत हुई होने से इस बार लोगों में दोगुना उत्साह है।

अमरनाथ यात्रा के दौरान प्राकृतिक विपदा के बाद शनिवार को जम्मू स्थित अमरनाथ यात्रियों के ठहरने के स्थान भगवती नगर में हजारों श्रद्धालुओं के लिए सेवा कार्य जारी रहे। शनिवार को भी यहां सैकड़ों श्रद्धालु पहुंचे। अमरनाथ श्राइन बोर्ड द्वारा रविवार को पहलगाम और बालटाल से यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं के रहने व भोजन आदि की व्यवस्था की गई। 

इधर इंदौर से बाबा अमरनाथ के लिए रवाना हुआ पहला जत्था दर्शन कर सकुशल लौट आया। रेलवे स्टेशन पर सभी अमरनाथ यात्रियों का स्वागत किया गया। 250 लोग इस यात्रा पर गए थे। 25 जून को ये इंदौर से रवाना हुए था। बाबा अमरनाथ के साथ वैष्णोदेवी के दर्शन कर जत्था इंदौर आया।