भोपाल: प्रदेश के 89 आदिवासी विकासखण्डों की 268 ग्राम सभाओं ने अगले साल से तेंदूपत्ता संग्रहण एवं व्यापार स्वयं करने की सहमति दे दी है। पेसा एक्ट (पंचायत उपबंध अनुसूचित क्षेत्रों पर विस्तार अधिनियम 1996) के तहत राज्य सरकार द्वारा बनाये पेसा नियमों के तहत इन ग्राम सभाओं ने 15 दिसम्बर 2022 के पहले तेंदूपत्ता संग्रहण एवं व्यापार स्वयं करने का प्रस्ताव पारित किया है।

उल्लेखनीय है कि पेसा नियमों को राज्य सरकार ने गत 15 नवम्बर 2022 से पूरे प्रदेश में प्रभावशील किया है। इन नियमों में प्रावधान किया गया है कि तेंदूपत्ता संग्रहण एवं व्यापार, मप्र राज्य लघु वनोपज सहकारी संघ के माध्यम से कराया जायेगा, तथापि ग्राम सभा चाहे तो तेंदूपत्ता का संग्रहण एवं व्यापार स्वयं कर सकेगी, बशर्ते ग्राम सभा इस बाबत संबंधित संग्रहण वर्ष के पूर्व में 15 दिसम्बर तक इस हेतु संकल्प पारित कर ग्राम पंचायत के माध्यम से वन विभाग के क्षेत्रीय अधिकारियों को अवगत कराये।

दरअसल, राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री दोनों की मंशा थी कि तेंदूपत्ते का संग्रहण एवं व्यापार ग्राम सभायें करें। इसके लिये वन विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आदिवासी विकासखण्डों की ग्राम सभाओं में प्रचार-प्रसार एवं जागरुकता के लिये लगाया गया था तथा इसी के कारण अब 268 ग्राम सभाओं ने अगले साल तेंदूपत्ता का संग्रहण एवं व्यापार स्वयं करने का संकल्प पारित कर सूचना दे दी है। अब इन ग्राम सभाओं में राज्य लघु वनोपज सहकारी संघ तेंदूपत्ता संग्रहण एवं व्यापार का कार्य नहीं करेगा तथा उसके स्थान पर वहां की ग्राम सभा ही यह कार्य करेगी और इससे मिलने वाले लाभों को अपने पास रखेगी।