भोपाल: प्रदेश के धार्मिक स्थलों पर 1 जनवरी 2000 से 19 फरवरी 2022 तक कुल 3 हजार 38 चोरियां हुईं जिनमें 3044 एफआईआर दर्ज की गईं और इन घटनाओं में 1 हजार 716 मूर्तियां चोरी हुईं जिनमें से 705 को बरामद किया गया। छह प्रकरणों में पुजारियों की हत्या भी हुई।

उक्तावधि में जबलपुर जिले में चोरी की 127 घटनायें हुईं जिन पर एफआईआर दर्ज की गई एवं इन घटनाओं में 96 मूर्तियां चोरी गईं जिनमें से 15 को ही बरामद किया जा सका। इसी प्रकार, सतना जिले में चोरी की 59 घटनायें हुईं जिन पर एफआईआर दर्ज की गई एवं इन घटनाओं में 98 मूर्तियां चोरी गईं जिनमें से 21 को ही बरामद किया जा सका। छिन्दवाड़ा जिले में चोरी की 17 घटनायें हुईं जिन पर एफआईआर दर्ज की गई एवं इन घटनाओं में 3 मूर्तियां चोरी गईं जिनमें से 1 को ही बरामद किया जा सका। छतरपुर जिले में चोरी की 207 घटनायें हुईं जिन पर एफआईआर दर्ज की गई एवं इन घटनाओं में 328 मूर्तियां चोरी गईं जिनमें से 150 को ही बरामद किया जा सका। सिंगरौली  जिले में चोरी की 1 घटना हुईं जिन पर एफआईआर दर्ज की गई एवं इस घटना में 1 मूर्ति चोरी गईं जिसे बरामद किया जा सका।

छह हत्यायें भी हुईं :

उक्तावधि में धार्मिक स्थलों से चोरी के दौरान पुजारियों की हत्या के छह मामले भी दर्ज हुये। इनमें सतना जिले के रामपुर बघेलान में बकना मंदिर में 21 मार्च 2000 को, सिंगरौली जिले के बैढऩ में स्थित हनुमान मंदिर म्यार नदी पुल के पास 2 सितम्बर 2015 को, निवाड़ी जिले के पृथ्वीपुर में चौकी के हनुमान जी का मंदिर ग्राम विरौरा पहाड़ पर 18 दिसम्बर 2002 को, मंदसौर जिले के भानपुरा में उमरिया माता मंदिर ग्राम कैलाशपुर पर 13 जुलाई 2017 को तथा मुरैना जिले के अम्बाह में रुपाहटी का बेहड़ पर 8 फरवरी 2006 एवं पहाडग़ंज में बाबू डाडो जंगल वाला मंदिर में 31 अक्टूबर 2018 को पुजारी की हत्या हुई।