भोपाल: प्रदेश के 80 नगरीय निकायों पर जलाशयों से पानी लेने पर जल संसाधन का बकाया कुल 307 करोड़ 61 लाख 74 हजार 600 रुपये है जो पिछले कई वर्षों से भुगतान हेतु लंबित है। अब इस बािया राशि का भुगतान नगरीय प्रशासन विभाग चुंगी क्षतिपूर्ति राशि से करेगा।
दरअसल चुंगी क्षतिपूर्ति राशि नगरीय प्रशासन विभाग प्रदेश की नगरीय निकायों को हर साल करता है क्योंकि नगरीय निकायों से अपने क्षेत्र में चुंगी लगाने के अधिकार राज्य शासन ने वपस ले लिये हैं। चुंगी क्षतिपूर्ति राशि से नगरीय प्रशासन विभाग नगरीय निकायों पर बकाया एमपीईबी द्वारा प्रदायित बिजली के बिलों का समायोजन तो कर रहा था परन्तु अब जल संसाधन विभाग को भी इस चुंगी क्षतिपूर्ति राशि से भुगतान किया जायेगा।
बकायादार 88 नगरीय निकायों में छतरपुर नगर पालिका पर जल कर का बकाया 92 हजार रुपये है जबकि छिन्दवाड़ा नगर निगम पर बकाया 15 करोड़ 11 लाख 91 हजार 700 रुपये है। टीकमगढ़ नगर पालिका पर 8 करोड़ 37 लाख 4 हजार रुपये एवं रीवा नगर निगम पर बकाया 14 करोड़ 75 लाख 81 हजार रुपये है। सर्वाधिक बकाया भोपाल नगर निगम पर 111 करोड़ 39 लाख 72 हजार रुपये एवं ग्वालियर नगर निगम पर बकाया 59 करोड़ 63 लाख 55 हजार रुपये है। इंदौर नगर निगम पर बकाया राशि 4 लाख 64 हजार रुपये है जबकि जबलपुर, सतना एवं सिंगरौली नगर निगम का नाम बकायादारों की सूची में शामिल नहीं है।
विभागीय अधिकारी ने बताया कि चुंगी क्षतिपूर्ति राशि से जल संसाधन के जल कर का बकाया भुगतान होना है जिसके लिये तैयारी की जा रही है। नगरीय प्रशासन विभाग से सीधे जल संसाधन विभाग के खाते में जिनती भी राशि दी जायेगी उसका बकाया बिलों में समायोजन किया जायेगा।