भोपाल: प्रदेश में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम 1989 के तहत पिछले पांच सालों से अधिक अवधि में दर्ज हुये 5 हजार 423 प्रकरण अब तक विभिन्न न्यायालयों में लंबित पड़े हुये हैं। पुलिस मुख्यालय ने सभी जिला पुलिस अधीक्षकों को इन लंबित प्रकरणों का निराकरण करने के निर्देश दिये हैं। इधर राज्य के गृह विभाग के अधीन कार्यरत लोक अभियोजन संचालनालय ने भी अपने जिला अभियोजन अधिकारियों से कहा है कि वे भी न्यायालयों में लंबित इन प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करायें।
यह है लंबित प्रकरणों की स्थिति:
जबलपुर जिले में 909, छतरपुर जिले में 390, छिन्दवाड़ा जिले में 143, सतना जिले में 28 एवं सिंगरौली जिले में 10 प्रकरण लंबित हैं। अन्य जिलों की स्थिति इस प्रकार है: आगर मालवा 15, अशोकनगर 77, बालाघाट 71, बैतूल 10, भिण्ड 21, भोपाल 69, दमोह 200, धार 2, देवास 112, डिण्डौरी 2, गुना 303, ग्वालियर 383, हरदा 1, इंदौर 81, कटनी 4, खण्डवा 1, खरगौन 62, मंडला 19, मंदसौर 2, मुरैना 247, नर्मदापुरम 1, नरसिंहपुर 5, नीमच 2, पन्ना 33, रायसेन 81, राजगढ़ 5, रतलाम 24, रीवा 417, सागर 842, सिवनी 62, शहडोल 85, शाजापुर 11, शिवपुरी 212, सीधी 9, टीकमगढ़ 2, उज्जैन 234, उमरिया 69 एवं विदिशा 167 प्रकरण। झाबुआ, दतिया, बुरहानपुर, बड़वानी, अनूपपुर, अलीराजपुर, श्योपुर एवं सीहोर जिलों में एक भी प्रकरण लंबित नहीं है।