बिहार में भारतीय जनता पार्टी से नाता तोड़ने के बाद नीतीश कुमार और उनकी पार्टी जेडीयू को मणिपुर में बड़ा झटका लगा है। राज्य में जेडीयू के पांच विधायक शुक्रवार को भाजपा में शामिल हो गए। यह घटनाक्रम उस समय हुआ जब नीतीश मणिपुर में भी भाजपा सरकार से समर्थन वापसी की योजना बना रहे थे। 

पटना में शनिवार को JDU की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक होने वाली है। इसमें मणिपुर सरकार से समर्थन वापसी पर फैसला होना था। इससे पहले ही पार्टी को तगड़ा झटका देते हुए मणिपुर में JDU के 6 में से 5 विधायकों ने पाला बदल लिया। सभी विधायकों ने  बिहार में NDA से अलग होने के नीतीश के फैसले का विरोध करते हुए पाला बदला। 

पाला बदलने वाले विधायकों में  जॉयकिशन, एन सनाटे, मोहम्मद अचब उद्दीन, पूर्व डीजीपी एल एम खौटे और थंगजाम अरुणकुमार शामिल हैं। खौटे और अरुणकुमार ने पहले भाजपा के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ने की मांग की थी, लेकिन उन्हें टिकट नहीं मिला था। इसके बाद वे जेडीयू में शामिल हो गए थे।

गौरतलब है कि इसी साल मार्च में मणिपुर विधानसभा चुनाव में बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी। वहीं नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू ने भी राज्य में 6 सीटों पर कब्जा जमाया था। अब जेडीयू के 5 विधायकों ने तीर की जगह कमल का दामन थाम लिया है। विधायकों ने बीजेपी में एंट्री को विधानसभा अध्यक्ष ने भी मंजूर कर लिया है।