भोपाल। प्रदेश के वीआईपी बुजुर्गों के लिए भोपाल में पांच सितारा होल्ड एज होम (वृद्धाश्रम) बनाया जा रहा है। इसकी इमारत लगभग पूरी हो चुकी है। अत्याधुनिक इस इमारत में वृद्धजन मोटी रकम देकर यहां अपना जीवन जी सकेंगे। फॉरेन की तर्ज पर भारत में भी इसका चलन तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में मप्र सरकार भोपाल में इस पेड ओल्डएज होम को पायलेट प्रोजेक्ट के रूप में तैयार करा रही है। लोक निर्माण विभाग, पीआईयू भवन का निर्माण कर रहा है।  8 से 10 करोड़ रूपये की लागत से निर्माणाधीन इस जी प्लस टू भवन में इटालियन मार्बल जैसे महंगे सामान का उपयोग किया गया है। ओल्डएज होम का प्रत्येक कमरा अत्याधुनिक सुविधाओं से लेस होगा। एक बड़ा सा हाल बेड रूम और सर्वसुविधा युक्त टायलेट के अलावा वे तमाम सुविधाएं रूम में उपलब्ध होगी जिसकी एक वीवीआईपी को दरकार होती है। इस सब के लिए भारी भरमक चार्ज भी किया जायेगा। हालांकि अभी इन रूम का प्रतिदिन का चार्ज क्या होगा यह अभी तय नहीं हुआ है।

उद्योगपति, अफसरों के लिए होगा उपलब्ध
मप्र ही नहीं देश के ऐसे बड़ेे उद्योगपति व अफसर जो वृद्ध होने के बाद अपना सामाजिक जीवन अलग-थलग काटना चाहते हैं। उनके लिए ओल्डएज होम पेड सर्विस देगा। कुछ आईएएस, आईपीएस या अन्य बड़े पदों पर नौकरी से सेवानिवृत्त हुए वृद्ध अफसरों के बच्चे विदेश में रह रहे हैं और वे भारत अकेले अपना जीवन जीने को मजबूर हैं, ऐसे अफसर ओल्डएज होम में आकर रह सकेंगे।

निजी एजेंसी को देंगे संचालन का जिम्मा
सरकार द्वारा बनवाया जा रहा ओल्डएज होम तैयार होने के बाद निजी एजेंसी को संचालन के लिए दिया जायेगा। इसके पीछे अफसरों का तर्क है कि सरकारी डर्रे से पेड ओल्डएज होम का संचालन पांच सितारा सुविधा के साथ नहीं किया जा सकता। इसके लिए निजी एजेंसी ही उपयुक्त होगी। हालांकि एजेंसी को सरकार के निगरानी में ही ओल्डएज होम का संचालन करना होगा।

इनका कहना है
जीवनभर वीवीआईपी तरीके से रहे उद्योगपति और अफसर अमूमन सामान्य वृद्धाश्रम में अन्य लोगों के साथ रहने में हिचकिचाते हैं और वे अकेले ही आलीसान बंगलों में जीवन यापन कर लेते हैं। ऐसे लोगों के भोपाल में पेड ओल्डएज होम बनाया जा रहा है। इस साल इसका शुभारंभ हो जायेगा। इसमें मप्र के अलावा अन्य राज्यों के वृद्ध भी पैसे देकर रह सकेंगे।
प्रतीक हजेला, प्रमुख सचिव
सामाजिक न्याय एवं वि:शक्तजन कल्याण विभाग