भोपाल: राज्य के लोक निर्माण विभाग ने आम लोगों को भी ठहरने की सुविधा प्रदान करने के लिये अपने 50 सर्किट हाऊस एवं 45 रेस्ट हाऊस चिन्हित कर दिये हैं।
दरअसल मुख्यमंत्री ने गत जनवरी माह में विभागीय समीक्षा में लोनिवि को निर्देश दिये थे कि बड़े शहरों के शासकीय विश्राम गृह/डाक बंगला को राजस्थान मॉडल पर प्रबंधित करने की योजना बनाई जाए। छोटे शहरों के विश्राम गृहों में अच्छी सुविधाएं प्रदान करते हुए उन्हें यूज एण्ड पे सिस्टम के आधार पर विकसित किया जाए।
इसी निर्देश के पालन में लोनिवि ने प्रथम चरण में 50 सर्किट हाउस एवं 45 रेस्ट हाउस चिन्हित किये हैं तथा अब इनमें आवश्यक सुविधायें विकसित करने की कार्यवाही की जा रही है।
क्या है राजस्थान मॉडल :
दरअसल राजस्थान की कांग्रेस सरकार ने वर्ष 2021 में एक नई योजना प्रारंभ की है, जिसे पर्यटकों के लिये राजकीय अतिथि गृह योजना नाम दिया गया है। इस योजना के तहत राजस्थान के वन विभाग सहित अन्य निर्माण विभागों के अतिथि गृहों को आम लोगों के लिये खोल दिया गया है।
योजना में अतिथि गृहों के पते, सम्पर्क नंबर, ठहरने एवं खाने-पीने का किराया भी दर्शाया गया है। वहां की सरकार ने अपनी राजस्व आय बढ़ाने के लिये यह कदम उठाया है।
इसी तर्ज पर मप्र सरकार भी आम पर्यटकों को अपने राजकीय अतिथि गृह किराये पर उपलब्ध कराने की तैयारी कर रही है। लेकिन इस योजना को बनाने में लोनिवि लेटलतीफी कर रहा है तथा अभी उसने सिर्फ ऐसे अतिथि गृहों को चिन्हित किया है तथा इन्हें कब तक पर्यटकों को योजना बनाकर उपलब्ध कराया जायेगा, इसकी तिथि निर्धारित नहीं की है।