भोपाल,

खरगोन से सबक लेकर अब पुलिस जगह-जगह फ्लैग मार्च कर रही है और जुलूस मार्गों के संबंध में आयोजकों से पूरा विवरण दर्ज कर रही है, यहां तक कि डीजे में बजाए जाने वाले गानों की भी लिस्ट मांगी जा रही है। संवेदनशील जिलों में जबरदस्त सुरक्षा के इंतजाम हैं। उधर इन सभी हालातों के बीच गृह मंत्री अमित शाह के अगले सप्ताह भोपाल दौरा भी सरकार और सत्ताधारी दल के लिए काफी महत्वपूर्ण हो गया है। माना जा रहा है कि वे मप्र समेत आधा दर्जन राज्यों में उभरे सांप्रदायिक तनाव पर भी 'संदेश' दे सकते हैं।

जंबूरी पर शाह का शो खास:

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की सुरक्षा को लेकर सरकार व तमाम अफसर खासे सतर्क है कि अब प्रदेश में कहीं भी दंगे- तनाव न हो। भोपाल के जंबूरी मैदान में 22 अप्रैल को प्रदेश की वन समितियों तेंदूपत्ता संग्राहकों का प्रादेशिक सम्मेलन है। जिसमें शाह के अलावा भी कुछ केंद्रीय मंत्री हिस्सा ले सकते हैं। कलेक्टर समेत अन्य अधिकारियों ने तैयारियां शुरू करवा दी हैं। शाह के लिये पांच हेलीपैड बनाए गए हैं। सूत्रों के मुताबिक खरगोन दंगों के बाद इस कार्यक्रम की टाइमिंग गौरतलब है। माना जा रहा है कि इसमें केंद्रीय गृह मंत्री सांप्रदायिक तनाव व दंगाइयों पर साफ संदेश दे सकते हैं। इतना ही नहीं, इस कार्यक्रम के पहले तक खरगोन दंगों के पीछे की असल सच्चाई को भी सामने लाने के प्रयास और तेज कर दिए गए हैं ताकि जनता को असलियत बताई जा सके।