अप्रैल के पहले सप्ताह से शुरू हो सकती हैं 5वीं 8वीं की परीक्षाएं

माध्यमिक शिक्षा मंडल

12 साल बाद फिर वही व्यवस्था

प्रदेश में  पांचवीं-आठवीं के विद्यार्थियों की बोर्ड परीक्षा करीब 12 साल पहले बंद कर दी गई थी। निशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) लागू होने के बाद पहली से आठवीं तक के छात्रों की परीक्षा बंद कर वार्षिक मूल्यांकन शुरू कर दिया था। आरटीई के तहत किसी भी छात्र को फेल नहीं किया जा सकता था। इससे मूल्यांकन में स्कूलों में सभी विद्यार्थियों को पास किया जाने लगा। इससे कमजोर छात्र भी पास होने लगे। जिसके बाद अब फिर बोर्ड पैटर्न व्यवस्था को लागू करने की तैयारी है।

दरअसल, स्कूल शिक्षा विभाग ने इसके पहले भी 2019 में पांचवी व आठयों में बोर्डकी तर्ज पर परीक्षाएं कराने की तैयारी की थी, लेकिन कोविड के कारण दो पेपर नहीं हो पाए थे और बच्चों को जनरल प्रमोशन देना पड़ा था। जिसके बाद 2020 में पहली से आठवीं तक की कक्षाओं के विद्यार्थियों के घर-घर वर्कशीट भेजकर वार्षिक मूल्यांकन किया गया था। ऐसे में इस बार आरएसके परीक्षाओं को लेकर गंभीर है और बोर्ड पैटर्न पर परीक्षाएं कराने की तैयारियां शुरू कर दी है। हालांकि सूत्रों की माने तो कोरोना संक्रमण के मामलों में बढ़ोत्तरी को देखते हुए प्लान बी भी तैयार किया गया है। अगर इस साल भी कोविड के मामले बढ़ते हैं तो राज्य शिक्षा केंद्र ने प्लान बी भी तैयार किया है। अगर कोविड के बढ़ते मामलों के कारण परीक्षा नहीं हुई तो बच्चों के घर पर वर्कशीट भेजकर होम बेस्ड परीक्षा ली जाएगी। इसमें 40 फीसद प्रोजेक्ट आधारित मूल्यांकन होगा और 60 फीसद सैद्धतिक परीक्षा ली जा सकती है।

आरएसके शासन को प्रस्ताव भेजने की कर रहा तैयारी, मंजूरी के बाद होगा अंतिम निर्णय

MP BOARD Exam

माशिमं द्वारा कक्षा 10वीं 12वीं की कक्षाओं का कार्यक्रम जारी होने के बाद अब ज्य शिक्षा केंद्र ने भी पांचवी और आठवीं कक्षा की परीक्षाओं को लेकर तैयारियां शुरू करदी हैं। यह परीक्षाएं बोर्ड परीक्षाओं के बाद अप्रेल के पहले सप्ताह तक शुरू हो सकती है। बड़े समय बाद प्रदेश में एक बार फिर पांचवी आठवीं की परीक्षाएं बोर्ड पैटर्न पर होंगी। भागीय अधिकारियों का कहना है कि पहले सन को परीक्षाओं के आयोजन को लेकर स्ताव भेजा जाएगा, जिस पर मंजूरी मिलने के बाद ही आगे का निर्णय होगा।