भोपाल: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 22 अप्रैल को जमुरी मैदान में आयोजित तेंदूपत्ता संग्राहक सम्मेलन में 18 लाख संग्राहकों ₹67 करोड़ का बोनस बाटेंगे. यह बोनस 2020 सीजन का होगा. जोकि पिछले वर्ष की तुलना में ₹58करोड़ कम है.
 इस कार्यक्रम के आयोजन पर लगभग ₹4 से 5 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है.

इस आयोजन के दौरान प्रदेश की 1152 उन ग्राम वन समितियों को भी सम्मानित किया जाएगा, जिन्होंने कार्य योजना के तहत 4लाख 31 हजार हेक्टेयर बिगड़े वन का स्वरूप बदल दिया है. इस आयोजन में वन सुरक्षा समितियों को भी आमंत्रित किया गया है.

इन समितियों के लिए  20% राजस्व हिस्सा दिए जाने की घोषणा किए जाने की घोषणा होने का अनुमान है. इस घोषणा के तहत प्रदेश की हर समितियों के बीच 160 करोड़ रुपया का बंटवारा होगा. अभी तक समितियों के हिस्से की गणना जिला स्तर पर होती रही है. इसके कारण केवल 4-5 जिले को ही लाभ मिलता था. नई प्रस्तावित  घोषणा आगामी विधानसभा चुनाव के नफा-नुकसान को दृष्टिगत रखते हुए किया जाएगा.

संग्रहण कम तो बोनस कम: 

तेंदूपत्ता संग्राहकों वित्तीय वर्ष 2017 में सबसे अधिक 590 करोड़ पर का बोनस वितरित किया गया था. इसकी वजह यह भी थी कि तब तेंदूपत्ता संग्राहकों को पत्ता तोड़ने की मजदूरी ₹2000 मानक बोरा थी. वित्तीय वर्ष  2019-20 में तेंदूपत्ता संग्राहकों की मजदूरी ₹2000 से बढ़ाकर ₹2500 मानक बोरा कर दी गई.

वर्ष          संग्राहण ( लाख मानक बोरा)
2017-18: 23.37
2018-19: 19.15
2019-20: 21.06
2020-21: 15.88
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बोनस वितरण (₹ करोड़ में)
2017-18: 590
2018-19: 250
2019-20: 125
2020-21: 67

टीवी और सोशल मीडिया पर लाइव प्रसारण :

प्रधान मुख्य वन संरक्षक विकास चितरंजन त्यागी ने सभी सीसीएफ के नाम पर एक परिपत्र जारी किया है. इस पत्र में कहा है कि 22 अप्रैल को दोपहर 2:30 बजे भोपाल के जंबूरी मैदान में वन समितियों में प्राथमिक वनोपज सहकारी समितियों के सदस्यों के सम्मेलन का सोशल मीडिया और टीवी पर लाइव प्रसारण किया जाएगा. इस प्रसारण देखने के लिए प्रदेश की 15068 वन समितियों के सदस्यों को अवगत कराएं कि वे लाइव प्रसारण देखें. त्यागी ने समिति के सचिव को निर्देशित किया है कि लाइव प्रसारण कितने लोगों ने देखा है इसकी पालन प्रतिवेदन रिपोर्ट सबमिट करनी होगी.