नई दिल्ली. चीन में बड़े आर्थिक संकट की आहट सुनाई दे रही है. दुनियाभर में कई देशों को कर्ज बांट—बांट कर चीन (China) अब खुद मुश्किल में घिरता जा रहा है। रुकी हुई ग्रोथ, बेरोजगारी की बढ़ती दर ओर कोविड लॉकडाउन की वजह से इसकी अर्थव्‍यवस्‍था (China Economy) संकट में आती जा रही है। इस वित्तीय वर्ष में ही देश की करीब 5 लाख कंपनियां बंद हो चुकी हैं. देश के करीब 75 लाख युवा बेरोजगार हैं और ये दर अभी और बढ़ने का अनुमान है. 

यही कारण है कि चीन में इन दिनों हाहाकार मचा हुआ है। दुनिया की इस सबसे बड़ी आर्थिक महाशक्ति चीन के सामने सबसे बड़ा आर्थिक संकट पैदा हो गया है। इसकी वजह राष्‍ट्रपति शी जिनपिंग का कई छोटे देशों को जमकर कर्ज बांटना माना जा रहा है। इस नीति ने चीन को अब बहुत बड़ी मुश्किल की तरफ धकेल दिया है।

चीन में कई घरों के मालिकों ने मॉर्टगेज अदा करने से इनकार कर दिया है। इसकी वजह से बैंकों के सामने भी नया संकट पैदा हो गया है। बुधवार को हेनान प्रांत में एक बैंक के सामने टैंक्‍स की लंबी लाइन लगा दी गई थी. बैंक ऑफ चाइना की हेनान ब्रांच की तरफ जमाकर्ताओं को कहा गया है कि उन्‍होंने जो रकम यहां जमा की है, अब वो एक निवेश है और इसे निकाला नहीं जा सकेगा। इसके फैसले से जनता गुस्सा गई और बड़े पैमाने पर बैंक के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. बैंक के बाहर भारी संख्‍या में प्रदर्शनकारी इकट्ठा हैं।
बैंक ने सभी फंड्स फ्रीज कर दिए हैं और जमाकर्ता अब इन्‍हें रिलीज करने की मांग कर रहे हैं। 

शिंग्‍हुआ यून‍िवर्सिटी के प्रोफेसर झेंग युहुआंग का एक वीडियो भी इस समय वायरल हो रहा है। इसमें वो कह रहे हैं कि चीन के लिए साल 2022 सबसे मुश्किल समय होने वाला है।