देशभर में कोरोना वायरस का संक्रमण बढ़ता ही जा रहा है और इन सबके बीच मध्य प्रदेश के रीवा से एक दुखद घटना सामने आई है. जहां आठ महीने पहले कोरोना से संक्रमित हुए एक किसान ने इलाज पर 8 करोड़ रुपये खर्च किए, लेकिन उसके बाद भी वह बच नहीं पाया।

चेन्नई में 8 महीने के इलाज के बाद मौत :

रीवा के किसान धर्मजय सिंह की चेन्नई के अपोलो अस्पताल में आठ महीने के इलाज के बाद मंगलवार रात कोरोना से मौत हो गई थी. 50 वर्षीय किसान धर्म सिंह को मई 2021 में कोरोना हुआ था. 

लंदन के डॉक्टर कर रहे थे इलाज : 

धर्मजय सिंह को कोरोना से संक्रमित होने के बाद रीवा के संजय गांधी अस्पताल में भर्ती कराया गया था. लेकिन उसके बाद उन्हें 18 मई को चेन्नई के अपोलो अस्पताल ले जाया गया, जहां लंदन के डॉक्टरों द्वारा उनका इलाज़ किया जा रहा था।

 रोजाना करीब तीन लाख रुपये खर्च हुए :

एक रिपोर्ट के मुताबिक, अस्पताल में भर्ती होने के बाद से धर्मजय सिंह की हालत बिगड़ती जा रही थी. उनका 8 महीने तक इलाज चला और इस दौरान उन्हें इको मशीन पर रखा गया. इलाज में रोजाना करीब तीन लाख रुपये खर्च होते थे. आपको बता दें कि जब वेंटिलेटर भी फेल हो जाता है तो मरीज को इको मशीन पर रखा जाता है. इस मशीन से मरीज के खून को निकाल कर ऑक्सीजन युक्त किया जाता है और फिर उस खून को वापस शरीर के अंदर भेज दिया जाता है.

परिवार ने जमीन इलाज के लिए बेच दी :

धर्मजय सिंह के बड़े भाई प्रदीप सिंह के मुताबिक, उनके इलाज में करीब 8 करोड़ रुपये खर्च हुए और इसके लिए उन्होंने जमीन तक बेच दी। धर्मजय को सरकार की ओर से इलाज के लिए सिर्फ 4 लाख रुपये ही मिले थे लेकिन उनके इलाज का रोजाना का खर्च तीन लाख रुपये था.