दक्षिण-पश्चिम मानसून के प्रभाव के कारण पिछले कई दिनों से देश के विभिन्न हिस्सों में भारी बारिश हो रही है। लगातार हो रही बारिश से नदियों का जलस्तर बढ़ता ही जा रहा है। इसी क्रम में भारतीय मौसम विभाग ने 14 जुलाई को पश्चिमी तट, मध्य और निकटवर्ती प्रायद्वीपीय भारत के 8 राज्यों में भारी से ज्यादा बारिश की भविष्यवाणी की है। अगर ऐसा होता है तो देश में बाढ़ से स्थिति और बिगड़ सकती है।

सीडब्ल्यूसी बाढ़ पूर्वानुमान नेटवर्क के अनुसार-

केंद्रीय जल आयोग की ताजा दैनिक बाढ़ स्थिति रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि 13 जुलाई से बाढ़ का स्तर 15 से बढ़कर 22 हो गया है। दो दिन पहले यह संख्या 15 थी। सीडब्ल्यूसी बाढ़ पूर्वानुमान नेटवर्क के अनुसार, कुल चार नदियाँ (आंध्र प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना में एक-एक) गंभीर बाढ़ की स्थिति में बह रही हैं, और 18 नदियाँ (महाराष्ट्र में 5, असम, बिहार, गुजरात में 3-3) उफ़ान पर हैं। तो वहीं उत्तर प्रदेश में भी नदिया सामान्य बाढ़ की स्थिति से ऊपर बह रही है।

आंध्र प्रदेश और गुजरात के लिए पूर्वानुमान-

नदियों में बढ़ते जल स्तर को देखते हुए, 31 बैराजों और बांधों (कर्नाटक में 12, महाराष्ट्र, तमिलनाडु और तेलंगाना में 4-4, मध्य प्रदेश में 3, गुजरात, उत्तर प्रदेश और आंध्र प्रदेश में 1-1) के लिए पूर्वानुमान जारी किए गए हैं। 

फ़सल और संपत्ति को भारी नुकसान-

तटीय कर्नाटक और मलेनाडु के कई हिस्सों में बारिश जारी है, जिससे बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं। इसके अलावा भूस्खलन की कई घटनाएं भी हो चुकी हैं। कई बांध ओवरफ्लो हो गए हैं, कृषि भूमि और निचले इलाकों में पानी भर गया है, जिससे फसलों और संपत्ति को काफ़ी नुकसान हुआ है। इस साल बारिश भी पिछले साल की तुलना से ज्यादा गिरने वाली हैं।