पुलिस कार्रवाई पर उठे सवाल, सामाजिक वर्ग ने किया हंगामा

अपराधियों को नहीं कानून का खौफ, दिनदहाड़े घर में घुसकर युवती से छेड़छाड़...

होशंगाबाद: शहर में कानून व्यवस्था को लेकर लोगों में खौफ नहीं रह गया है। गत दिवस आयुष नगर में घर में घुसकर एक युवती के साथ छेड़छाड़ और परिजनों से मारपीट के मामले में घायल युवक की मंगलवार देर रात अस्पताल में मौत हो गई है। यह युवक घर में घुसे आरोपियों से अपनी बहन को छेड़छाड़ से बचाने में बुरी तरह घायल हुआ था।

युवक की मौत से आक्रोशित ब्राह्मण समाज ने पुलिस थाने जाकर देहात पुलिस की कार्रवाई पर नाराजगी जताई और पुलिस की एफ आर आई में केवल दो लोगों को आरोपी बनाने से पदाधिकारियों ने मांग की कि मारपीट करने वाले सभी लोगों को हत्याकांड में आरोपी बनाया जाए और अपहरण की धारा बढ़ाई जाए। 

आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर ब्राह्मण समाज ने मृतक का शव जिला अस्पताल से मांगा ताकि शव को गांधी प्रतिमा तक ले जाया जा सके। पुलिस अधिकारियों की समझाइश के बाद लोगों का गुस्सा शांत हुआ।

विरोध किया तो माता-पिता पर हमला:

होशंगाबाद के आयुष नगर में 25 अक्टूबर को एक गरीब परिवार के घर में घुसकर मोहल्ले के लालू ठाकुर और कन्हैया ठाकुर ने उनकी बेटी से छेड़छाड़ की थी। युवती और उसके माता-पिता ने विरोध किया तो लालू और कन्हैया ने युवती के माता-पिता पर लाठी से हमला कर दिया था। बचाव में आए युवती और उसके भाई के साथ भी मारपीट की। युवती के साथ छेड़छाड़ का विरोध करने के दौरान ही आरोपियों ने उसके भाई की बेहरमी से पिटाई की थी। घायलों को पड़ोसी और परिजनों ने अस्पताल में भर्ती कराया था। मामले में पुलिस ने काउंटर केस दर्ज किया था। एक पक्ष से छेड़छाड़, हत्या के प्रयास और घर में घुसकर मारपीट का केस दर्ज किया। दूसरे पक्ष की रिपोर्ट पर पुलिस ने मारपीट की धाराओं में केस दर्ज किया था। मगर मंगलवार देर रात बजे युवक की मौत होने से मामला गम्भीर हो गया है।

पीड़ित परिवार का आरोप, कई घंटे दर्ज नहीं की गई थी एफआईआर:

सर्व ब्राह्मण समाज के जिला अध्यक्ष जितेंद्र ओझा, पंडित दिनेश तिवारी ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि घर में घुसकर मारपीट की घटना 25 अक्टूबर की दोपहर 12 बजे की थी और देहात पुलिस ने शाम 5 बजे तक इस मामले में एफ आई आर दर्ज नहीं की, समाज के जिला संगठन मंत्री प. दिनेश तिवारी अपने साथियों के साथ थाने पहुंचे। एसपी डॉ. गुरकरन सिंह को पूरी घटना बताने के बाद देहात थाने में केस दर्ज हुआ था।