Harda News: चमचमाती सड़कें सरकार के विकास के दावों की पहचान होती हैं. आज़ादी के इन 75 वर्षों के बाद भी सरकारें पक्की सड़कों के ज़रिये गांवों को शहरों से जोड़ने की कवायद में जुटी हुई हैं. कई जगह अब तेज़ी से काम भी हो रहा है तो कही पर सड़कें चमचमाने भी लगी है.
वैसे एक कहावत काफ़ी मशहूर है कि ‘हर चमकती चीज सोना नहीं होती’ ठीक इसी तरह सरकार का मजबूत सड़क का वादा भी हमेशा खरा नहीं होता. मजबूती के दावों के साथ बनने वाली नई सड़कों की हालत कुछ भी यू है कि भारी वाहनों के बजाय डामर अब हाथ से निकलकर भ्रष्टाचार को उजाकर कर रहा हैं.
शिवराज सरकार में कृषि मंत्री कमल पटेल की विधानसभा क्षेत्र में बनी नई नवेली सड़क की हालत देख आप भी दंग रह जाएंगे. दरअसल, हरदा में प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के ज़रिये 9 करोड़ रुपए की लागत से नयापुरा से लेकर उचान मार्ग तक 2.50 किमी सड़क का निर्माण हुआ.

अब सड़क निर्माण के बाद हालत ये हैं कि भारी वाहनों के बजाय हाथों से उखड़ता डामर भ्रष्टाचार की कहानी बयां कर रहा हैं. इन तस्वीरों को देख ज़रूर आपका भी दिमाग़ हिल जायेगा. चुनावी साल में कांग्रेस इसे मुद्दा बनाकर मंत्री कमल पटेल को घेरने में जुट गई है.

भला घेरे भी क्यों ना क्योंकि इसके सीधे तार मंत्री जी के करीबी और इस सड़क का निर्माण करने वाले सैय्यद कंस्ट्रक्शन के मालिक से जो जुड़ते है. बता दें कि कुछ समय पहले ही सिराली लव जिहाद मामले में दोनों ही नाम सुर्ख़ियों में रहें थे. कांग्रेस अब 70 प्रतिशत कमीशन का आरोप लगा रहीं हैं. वहीं, मामले सामने आने के बाद अधिकारियों का कहना है कि कुछ काम अभी बाकी है.

फ़िलहाल, इस सड़क की हालत को देख यहीं कहा जा सकता है कि जिस तरह दीमक हर चीज को खोखला कर देती है ठीक उसी तरह भ्रष्टाचार नामक दीमक ने भी सरकारी तंत्र को मानो पूरी तरह से खोखला कर दिया है. साथ ही जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों की चुप्पी भी कई सवाल खड़े करती हैं. ऐसे में हम तो यही कहेंगे कि मंत्री जी कहीं ये तस्वीरें मतदान से पहले मतदाताओं को सोचने पर मजबूर न कर दें.