भोपाल। बीस-पचास के फार्मूले में आ रहे नगरीय निकायों के नब्बे मुख्य नगर पालिका अधिकारियों की नगरीय प्रशासन आयुक्त निकुंज कुमार श्रीवास्तव ने तैयार की है और सभी संभागीय संयुक्त संचालकों को इनके अभिलेखों की छानबीन करने के निर्देश दिये हैं ताकि अनुपयुक्त को अनिवार्य सेवानिवृत्ति देकर राज्य नगरीय प्रशासनिक सेवा से बाहर किया जा सके।

सामान्य प्रशासन विभाग ने 22 अगस्त 2020 को सभी विभागों को परिपत्र भी जारी किया हुआ है। इस परिपत्र में कहा गया है कि ऐसे शासकीय सेवक, जिनके द्वारा 50 वर्ष की आयु अथवा 20 वर्ष की सेवा पूर्ण कर ली गई है, उनके सेवा अभिलेखों की नियमित समीक्षा कर अनिवार्य सेवानिवृत्ति के संबंध में निर्णय लिया जाये।

उक्त परिपत्र के आधार पर ही आयुक्त ने निर्देश जारी कर कहा है कि शासकीय सेवकों के अभिलेखों की छानबीन करते समय उनकी ईमानदारी तथा सत्यनिष्ठा संदेहजनक होना, शारीरिक क्षमता में कमी, ख्याति एवं कार्यक्षमता का मूल्यांकन, संपूर्ण सेवाकाल के अभिलेखों का समग्र मूल्यांकन अच्छा यानि ख श्रेणी से कम होना-देखा जाये।

आयुक्त ने नब्बे मुख्य नगर पालिका अधिकारियों की सूची भी उपलब्ध कराई है जो बीस-पचास के फार्मूले में आ रहे हैं तथा उनके संबंध में चार बिन्दुओं यथा कार्यक्षमता, संनिष्ठा, लगनशीलता एवं व्यवहार पर अंक देकर सात दिनों के अंदर जानकारी मांगी है। हर बिन्दु के अधिकतम अंक दस निर्धारित किये गये हैं तथा इसमें से ही अंक दिये जाने हैं।