काशी का ककहरा अफसरों को समझाने में जुटे शिवराज…

इस कड़ी में सबसे ऊपर शहरों का व्यवस्थित विकास रखा गया है। शिवराज ने ही कहा कि बिना मास्टर प्लान के शहरों की प्लानिंग नहीं हो सकती। प्रभारी मंत्री प्रभार के जिलों में संबंधित अधिकारियों से मास्टर प्लान एक माह के भीतर तैयार करवाएं। शहर का गौरव पैदा करने के लिए कार्य करें, हर शहर विशेष का जन्मदिन मनाएं।

उल्लेखनीय है कि राजधानी भोपाल का ही मास्टर प्लान नहीं है। लिहाजा अव्यवस्थित विकास से भोपाल ही नहीं कई शहरों की सूरत बिगड़ती जा रही है। अब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के निर्देशों पर कार्य कर केंद्र सरकार की योजनाओं में नंबर वन रहने की कोशिश नये सिरे से शुरू की गई है। 

ज्ञात हो कि मोदी ने अपने संसदीय क्षेत्र बनारस को नये सिरे से विकसित करने की मुहिम चला रखी है, इसी क्रम में विश्वनाथ धाम की सूरत बदल दी गई है। लिहाजा शिवराज के निर्देशों के बाद उम्मीद है कि भोपाल समेत महत्वपूर्ण शहरों के मास्टरप्लान जल्द सामने आयेंगे। शिवराज ने यह भी कहा है कि राजस्व बढ़ाने के लिए हरसंभव प्रयास करें, वित्तमंत्री जीएसटी की हर सप्ताह समीक्षा करें। 

इज आफ बिजनेस एवं ईज ऑफ लिविंग दोनों के लिए प्राथमिकता से कार्य करें। गौरतलब है कि बनारस से लौटने के बाद शिवराज ने देर शाम मंत्रालय में समस्त मंत्रियों, अतिरिक्त मुख्य सचिव प्रमुख सचिव, सचिव तथा विभागाध्यक्षों के साथ ढाई घंटे लंबी बैठक की है।

सीएम ने एनीसीसी, एनएनएस, संस्कार देने वाली शिक्षा को पाठ्यक्रमों में जोड़ने के निर्देश दिए है और जल्द ही एक मेडिकल व एक इंजीनियरिंग कॉलेज में हिंदी में पढ़ाई कराने के लिए कार्य योजना तैयार होगी। वहीं जनवरी में एक लाख से ज्यादा रोजगार के अवसर पैदा करने की कार्य योजना बनाने का लक्ष्य भी दिया।