भोपाल: अंतत: दो साल बाद राज्य के छतरपुर जिले की बिजावर तहसील में स्थित धार्मिक स्थल जटाशंकर धाम मंदिर में रोप वे बनाने का आरएफपी (रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल) जारी हो गया है। इसे राज्य पर्यटन निगम ने जारी किया है। साढ़े बारह करोड़ रुपये लागत के इस प्रोजेक्ट को निजी कंपनी को 30 सालों के लिये दिया जायेगा। यह प्रोजेक्ट पीपीपी डीबीफोट मोड में बनेगा यानि निजी क्षेत्र ही इसकी डिजाईन करेगा, निर्माण करेगा, धन लगायेगा, शुल्क लेकर संचालन करेगा तथा 30 साल बाद इसे वापस सरकार को हस्तांतरित कर देगा। पर्यटन निगम द्वारा जारी आरएफपी के अनुसार, 25 अक्टूबर को निवेशकों की प्री बिड मीटिंग में उनके क्वेरियों (सवालों) का जवाब दिया गया है। निवेशक ऑनलाईन टेण्डर 15 नवम्बर 2021 तक भर सकेंगे।

ऐसे चला सिलसिला :

सबसे पहले 8 अगस्त 2019 में तत्कालीन मुख्यमंत्री कमलनाथ ने जटाशंकर धाम में रोप वे बनाने की घोषणा की। लेकिन उनके कार्यकाल में कोई काम नहीं हुआ। मार्च 2020 में शिवराज सरकार के आने पर इस मामले पर विचार किया गया तथा 2 फरवरी 2021 को पर्यटन निगम के एमडी ने आदेश जारी कर कहा है कि रोप वे बनाने का स्थल वन विभाग के अधीन है और वन विभाग से एनओसी लेने एवं भूमि के डायवर्सन हेतु कार्यवाही की जाये।

राज्य के वर्तमान वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने 2 मार्च 2021 को विधानसभा में आम बजट प्रस्तुत करते समय घोषणा की कि जटाशंकर धाम में रोप वे का निर्माण प्रस्तावित है। रोप वे बनाने के स्थल पर वन विभाग की 0.98 हैक्टेयर भूमि आ रही है। इसे वन विभाग से 99 सालों के लिये लिया जा रहा है। पर्यटन निगम के एक अधिकारी ने बताया कि छतरपुर जिले के जटाशंकर धाम में निजी क्षेत्र के माध्यम से रोप वे बनाने के लिये आरएफपी जारी कर दिया गया है। अगले माह निवेशक का चयन कर लिया जायेगा जो रोप वे बनाने का कार्य शुरु करेगा।