कोविड-19 के बढ़ते मामलों को देखते हुए देश के कई राज्यों में क्रिसमस और नए साल की पार्टियों पर रोक लगा दी गई है. कोरोना का नया ओमिक्रॉन वेरिएंट लगातार फैलता जा रहा है. देश भर में ओमिक्रॉन के मामले 400 को पार कर गए हैं. 25 दिसंबर से नए साल तक सरकार ने कड़े कदम उठाने शुरू कर दिए हैं. धार्मिक जगहों पर कोविड संबंधी प्रोटोकॉल का पालन करने का निर्देश दिया गया है.

दुनिया भर में तेजी से फैल रहे नए तरह के कोरोना वायरस ने कई देशों में महामारी की चौथी लहर जैसी खतरनाक स्थिति पैदा कर दी है. अकेले ब्रिटेन में शुक्रवार को कोरोना वायरस संक्रमण के कुल 1,22,186 मामले सामने आए, जहां एक दिन पहले 1,19,789 मामले थे. भारत के 17 राज्यों में अब तक ओमिक्रॉन वैरिएंट के 415 मामले सामने आ चुके हैं. इस बीच केंद्र सरकार ओमिक्रॉन और कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों पर तेज़ी से फ़ैसले ले रहा है.

सरकार ने देश के 10 राज्यों में विशेष टीमें भेजने का लिया फैसला :

केंद्र सरकार कोरोना के साथ-साथ ओमिक्रॉन के बढ़ते खतरे को देखते हुए टीकाकरण पर जोर दे रही है. इसलिए सरकार ने ऐसे 10 राज्यों की सूची तैयार की है जहां कोविड के टीकाकरण की गति बेहद धीमी है. स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक अब केंद्र की ओर से ऐसे राज्यों में एक टीम भेजी जाएगी. इन राज्यों में टीकाकरण की रफ्तार धीमी होने के कारण यहां कोरोना के मामले ज्यादा आ सकते हैं.

केरल, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, मिजोरम, कर्नाटक, बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड और पंजाब में टीमें भेजी जाएंगी. केंद्र की ये टीमें 3 से 5 दिन तक इन राज्यों में रुकेंगी और राज्य सरकार के स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ मिलकर काम करेंगी. पिछले कुछ दिनों में देश में नए तरह के कोरोना वायरस ओमिक्रॉन के मामले बढ़ रहे हैं. 17 राज्यों में अब तक कुल 415 मरीज मिल चुके हैं.

ओमिक्रॉन वेरिएंट के खतरे को देखते हुए हरियाणा,यूपी,एमपी और महाराष्ट्र सरकार अलर्ट मोड पर है. इन राज्य में रात का कर्फ्यू सख्त कर दिया गया है. रात 11 बजे से सुबह 5 बजे तक बिना काम के सड़क पर चलने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा. राज्य में स्वास्थ्य कर्मियों की छुट्टी भी रद्द कर दी गई है.