अमित शाह का जन्म 1964 में मुंबई के एक संपन्न गुजराती परिवार में हुआ।

सोलह वर्ष की आयु तक वह अपने पैत्रक गांव मान्सा, गुजरात में ही रहे और वहीँ स्कूली शिक्षा प्राप्त की। स्कूली शिक्षा पूर्ण करने के पश्चात उनका परिवार अहमदाबाद चला गया। बालपन में वह सदैव महान राष्ट्रभक्तों की जीवनियों से प्रेरित हुआ करते थे, इसी प्रेरणा के फलस्वरूप उन्होंने भी मातृभूमि की सेवा करने और राष्ट्र की प्रगति में योगदान देने का स्वप्न देखा। वह विशेष रूप से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की राष्ट्रीयवादी भावना तथा उनके दृष्टांत से प्रेरित व प्रभावित हुए तथा अहमदाबाद में संघ के एक सक्रिय सदस्य बन गए। यह कदम उनके जीवन का एक ऐसा कदम था जिसने उनका जीवन सदा के लिए परिवर्तित कर दिया एवं उन्हें भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व की प्रभावशाली यात्रा की और उन्मुख किया।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में शामिल होने के बाद अमित भाई ने संघ की विद्यार्थी शाखा अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् (ABVP) के लिए चार वर्ष तक कार्य किया। 1984-85 में, अमित शाह भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सदस्य बने।। भाजपा सदस्य बनने के बाद उन्हें अहमदाबाद के नारायणपुर वार्ड में पोल एजेंट का पहला दायित्वा सौंपा गया, तत्पश्चात् वह उसी वार्ड के सचिव बनाए गए। इन कार्यो को सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद उन्हें उच्चतर दायित्वों हेतु चुना गया और भारतीय जनता युवा मोर्चा का राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष बनाया गया और तत्पाश्चात् गुजरात भाजपा के राज्य सचिव एवं उपाध्यक्ष का दायित्व दिया गया । अपनी इन भूमिकाओं में उन्होंने युवा राजनीतिक पार्टी के आधार विस्तार हेतु सक्रियता के साथ प्रचार कार्य किया ।

जमीनी स्तर के मुद्दों पर ध्यान देने और पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ स्थायी संपर्क की योग्यताओं के बल पर उन्होंने अपनी संगठनात्मक क्षमताओं को प्रखर किया। उनकी ये योग्यताएं तब लोगों के ध्यान में आई जब वह अहमदाबाद नगर के प्रभारी बने, उस समय उन्होंने राम जन्मभूमि आंदोलन तथा एकता यात्रा के पक्ष में व्यापक स्तर पर जनसंपर्क किया। तदोपरान्त गुजरात में भाजपा के लिए भारी समर्थन का उभार हुआ। इन जन आंदोलनों के बाद 1989 में लोकसभा चुनाव हुए जिनमें अमित भाई को गांधीनगर निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा के जननेता श्री लाल कृष्ण आडवाणी के चुनाव प्रबंधन का उत्तरदायित्व सौंपा गया । उनका यह गठबंधन ऐसा था जो अगले दो दशक जारी रहने वाला था, अमित भाई आडवाणी जी के लिए 2009 के लोकसभा चुनावों तक चुनावी रणनीति तैयार करते रहे। पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी ने जब गांधीनगर लोकसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा तो अमित भाई उनके भी चुनावी प्रभारी बने। अमित भाई ने अपनी क्षमताओं के बल पर स्वयं के लिए एक दक्ष चुनाव प्रबंधक की प्रतिष्ठा अर्जित की।

1990 के दौरान गुजरात की राजनितिक उथल - पुथल ने स्थापित जनों के भाग्यों को पलट डाला और भाजपा राज्य में कांग्रेस के सामने मुख्य एवं एकमात्र विपक्षी पार्टी बन के उभरी। उस दौरान अमित भाई ने श्री नरेन्द्र मोदी के मार्ग दर्शन में (तत्कालीन गुजरात भाजपा संगठन सचिव) समग्र गुजरात में पार्टी के प्राथमिक सदस्यों के दस्तावेजीकरण के अति महत्व के कठिन कार्य को प्रारंभ कर उसे सफलतापूर्वक परिणाम तक पहुचाया । पार्टी की शक्ति एवं चुनावी कौशल को संचित करने की दिशा में यह उनका पहला महत्वपूर्ण कदम था । इसके पश्चात् राज्य में भाजपा को जो चुनावी विजयें प्राप्त हुई उन्होंने दर्शाया कि पार्टी को राजनैतिक मजबूती देने में कार्यकर्ताओं का जोश तथा उनकी सहभागिता कितनी महत्पूर्ण होती है। गुजरात में भाजपा की प्रथम विजय अल्पकालीन सिद्ध हुई, 1995 में सत्ता में आने वाली पार्टी की सरकार 1997 में गिर गई। किन्तु उस अल्पावधि में ही अमित भाई ने गुजरात प्रदेश वित्त निगम के अध्यक्ष के रूप में निगम का कायापलट कर दिया और उसे स्टॉक एक्सचेंज में भी सूचीबद्ध करवाने का महत्वपूर्ण काम किया।

वर्ष 2002 में विधानसभा चुनावों से पूर्व अमित भाई को ’गौरव यात्रा’ का सह-संयोजक बनाया गया। जिसके बाद श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में पार्टी सत्ता में आई। इस बार भी अमित भाई ने सरखेज से लगातार तीसरी बार चुनाव जीता। इस बार जीत का अंतर बढ़ कर 1,58,036 हो गया। अमित भाई को गृह, परिवहन और निषेध जैसे अहम मंत्रालयों का दायित्व सौंपा गया तथा गुजरात के गृह मंत्री के रूप में उनके काम को बहुत सराहा गया। समय के साथ-साथ उनकी लोकप्रियता और लोगों से जुड़ाव बढ़ता गया। वर्ष 2007 में सरखेज विधानसभा क्षेत्र ने एक बार फिर अमित भाई को विजयश्री का हार पहनाया और इस बार वह 2,32,832 मतों के भारी अंतर से जीते। वह राज्य कैबिनेट पर लौटे तथा उन्हें गृह, परिवहन, निषेध, संसदीय मामले, कानून और आबकारी जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालयों का कार्यभार सौंपा गया।

22 अक्टूबर 1964 को मुंबई में जन्म

अमित शाह का जन्म 1964 में मुंबई के एक संपन्न गुजराती परिवार में श्रीमती कुसुमबेन और श्री अनिलचंद्र शाह के यहाँ हुआ। सोलह वर्ष की आयु तक वह अपने पैत्रक गांव मान्सा, गुजरात में ही रहे और वहीँ स्कूली शिक्षा प्राप्त की। स्कूली शिक्षा पूर्ण करने के पश्चात उनका परिवार अहमदाबाद चला गया।

बालपन में वह सदैव महान राष्ट्रभक्तों की जीवनियों से प्रेरित हुआ करते थे, इसी प्रेरणा के फलस्वरूप उन्होंने भी मातृभूमि की सेवा करने और राष्ट्र की प्रगति में योगदान देने का स्वप्न देखा।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् (ABVP) के कार्यकर्ता बने

1980 में 16 वर्ष की आयु में श्री अमित शाह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की विचारधारा से प्रेरित होकर संघ के स्वयंसेवक बने और उसकी छात्र इकाई अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् (ABVP) के कार्यकर्ता बन विभिन्न संगठनात्मक गतिविधियों में भाग लेकर सक्रिय हुए ।

संयुक्त सचिव, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् (ABVP) – गुजरात

अमित शाह की कार्यकुशलता और सक्रियता का ही प्रमाण था की उन्हें दो वर्ष बाद 1982 में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् (ABVP) की गुजरात इकाई का संयुक्त सचिव बनाया गया ।

भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) में शामिल हुए

1987 में अमित शाह ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) की युवा इकाई भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) में शामिल हुए और अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की । श्री अमित शाह ने युवा मोर्चा की विभिन्न गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाई ।

1989 सचिव, भाजपा, अहमदाबाद शहर, गुजरात

राम जन्म भूमि आंदोलन और एकता यात्रा में सफलतापूर्वक प्रचार-प्रसार की जिम्मेदारी निभायी।

इससे दौरान अमित भाई का आने वाले लम्बे समय तक चलने वाला संपर्क श्री लालकृष्ण आडवाणी से तब हुआ जब श्री अडवानी गांधीनगर लोकसभा क्षेत्र से चुनाव लडे। अमित भाई ने प्रथम बार से लेकर 2009 तक लगातार कई चुनावों में श्री अडवानी के चुनाव संयोजक की जिम्मेदारी का निर्वहन सफलता पूर्वक किया।

जब श्री अटल बिहारी वाजपेयी गांधीनगर लोकसभा क्षेत्र से चुनाव लडे तो उनके चुनाव संयोजक का दायित्व भी अमित भाई ने सफलता पूर्वक निभाया।

अध्यक्ष, गुजरात प्रदेश वित्त निगम

1995 में श्री अमितभाई शाह गुजरात प्रदेश वित्त निगम के अध्यक्ष बने । श्री अमित भाई के कार्यकाल के दौरान निगम घाटे से न सिर्फ बाहर आया बल्कि इसके मुनाफे में 214 प्रतिशत तक की वृद्धि हुई। श्री अमित शाह की अध्यक्षता में निगम में पहली बार पट्टा खरीद फरोख्त, कार्यशील पूंजी अवधि लोन और ट्रक ऋण की शुरूआत हुई।

राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष- भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM)

श्री अमित शाह की राजनीतिक सक्रियता और कार्यकुशलता के कारण उन्हें 1997 में भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) का राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष नियुक्त किया गया ।

विधायक, सरखेज और नारणपुरा विधानसभा क्षेत्र (1997 से 2017)

1997 में श्री अमित शाह ने पहली बार गुजरात के सरखेज विधानसभा से भाजपा प्रत्याशी के तौर पर विधायक पद के लिए नामांकन भरा और भारी मतों से विजय हुए | विधानसभा क्षेत्र में अमित भाई की लोकप्रियता का अंदाजा इस बात से लगता है कि आने वाले प्रत्येक चुनाव में उनकी जीत का अंतर लगातार बढता रहा।

प्रदेश सचिव, गुजरात भाजपा

श्री अमित शाह की संगठनात्मक कुशलता के कारण उन्हें 1998 में भारतीय जनता पार्टी की गुजरात इकाई का प्रदेश सचिव बनाया गया ।

प्रदेश उपाध्यक्ष, गुजरात भाजपा

1998 में मात्र एक वर्ष बाद ही श्री अमित शाह को संगठन द्वारा भारतीय जनता पार्टी की गुजरात इकाई के प्रदेश उपाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी दी गई ।

अध्यक्ष, अहमदाबाद जिला सहकारी बैंक

श्री अमित भाई सिर्फ 36 वर्ष की उम्र में अहमदाबाद जिला सहकारी बैंक (ADCB) के सबसे युवा अध्यक्ष बने । मात्र एक साल में अमित भाई ने न सिर्फ 20.28 करोड का घाटा पूरा किया बल्कि बैंक को 6.60 करोड के लाभ में लाकर 10 प्रतिशत लाभांश का वितरण भी किया।

राष्ट्रीय संयोजक, सहकारिता प्रकोष्ठ-भाजपा

2001 में श्री अमित शाह को भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय सहकारिता प्रकोष्ठ का संयोजक नियुक्त किया गया और उनके कार्यकाल के दौरान अमित भाई के काम को इतना सराहा गया कि कुछ लोगों ने उन्हे सहकारिता आन्दोलन के पितामह तक की उपाधि दे डाली।

मंत्री, गुजरात सरकार

श्री अमित शाह ने 2002 में पहली बार मंत्री पद की शपत ली और गुजरात सरकार के मंत्री के रूप में अमित भाई को गृह, यातायात, निषेध, संसदीय कार्य, विधि और आबकारी जैसे महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी सौंपी गयी।

अध्यक्ष, गुजरात चेस एसोसिएशन

2006 में श्री अमित शाह “गुजरात चेस संघ” के अध्यक्ष बने और उनके कार्यकाल के दौरान गुजरात में पहली बार शतरंज की राष्ट्रीय प्रतियोगिता ’’नेशनल बी’’ आयोजित हुई।

अध्यक्ष, सेन्ट्रल बोर्ड ऑफ क्रिकेट एसोसिएशन अहमदाबाद उपाध्यक्ष, गुजरात स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन

श्री अमितभाई शाह को 2009 में अहमदाबाद सेन्ट्रल बोर्ड ऑफ क्रिकेट एसोसिएशन का अध्यक्ष और गुजरात स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन का उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया ।

200फर्जी एनकाउंटर केस

राजनीतिक द्वेष के चलते 2010 में फर्जी एनकाउंटर के मामले में श्री अमित शाह को जेल भेज दिया गया। 2015 में CBI की एक विशेष अदालत ने इस फर्जी इनकाउंटर केस में अमित भाई को इस रिमार्क के साथ बरी कर दिया कि “यह पूरा का पूरा केस राजनैतिक रूप से प्रेरित था”।

राष्ट्रीय महासचिव, भाजपा

अमित भाई की कार्यक्षमता को पहचानते हुये भाजपा के राष्ट्रीय नेतृत्व ने 2014 के लोकसभा चुनाव से पूर्व उन्हें राष्ट्रीय महासचिव बनाकर 80 सांसदों वाले उत्तर प्रदेश का प्रभारी बनाया। भाजपा ने उत्तर प्रदेश की 80 लोकसभा सीटों में से 73 सीटे जीती।

अध्यक्ष, गुजरात स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन

2014 में श्री नरेन्द्र मोदी जी के प्रधानमंत्री बनने के बाद श्री अमित शाह को “गुजरात स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन” का अध्यक्ष नियुक्त किया गया । उनके प्रयासों से GCA का “मोटेरा क्रिकेट स्टेडियम” आज दुनिया के सबसे आधुनिक स्टेडियमों की श्रेणी में आने की ओर तेजी से बढ़ रहा है।

राष्ट्रीय अध्यक्ष, भाजपा

श्री अमित शाह की कार्यक्षमता और पार्टी की विचारधारा के प्रति प्रतिबद्धता को पहचानते हुए पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने उन्हे जुलाई 2014 में भाजपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया। मात्र 49 वर्ष के अमित शाह पार्टी के सबसे युवा अध्यक्ष बने ।

ट्रस्टी, श्री सोमनाथ मंदिर गुजरात

वर्ष 2016 में श्री अमित शाह को श्री सोमनाथ मंदिर के ट्रस्ट का ट्रस्टी बनाया गया । आदी ज्योतिर्लिंग श्री सोमनाथ महादेव मंदिर 12 पवित्र ज्योतिर्लिंगों में से एक है, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और श्री लाल कृष्ण अडवाणी भी इस ट्रस्ट के ट्रस्टी हैं ।

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में पुन: निर्वाचित

24 जनवरी 2016 को श्री अमित शाह भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में पुन: निर्वाचित हुए । श्री अमित शाह की अध्यक्षता में भारतीय जनता पार्टी का निरंतार विस्तार हो रहा है ।

राज्य सभा सदस्य, गुजरात भाजपा

मोदी सरकार में केंद्रीय मंत्री के रूप में शपथ ली (30 मई 2019)

मोदी सरकार में केंद्रीय मंत्री के रूप में शपथ ली

केंद्रीय गृह मंत्री के रूप में प्रभार ग्रहण (01 जून 2019)

संसद सदस्य के रूप में शपथ (17 जून 2019)

2010 का वर्ष अभूतपूर्व चुनौतियों का वर्ष था। कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार ने अमित भाई पर फर्जी इनकाउंटर का आरोप लगाया तथा उन्हें कैद कर लिया गया। बाद में, उनके निरपराध होने का सत्यापन गुजरात हाई कोर्ट ने किया कि ‘‘अमित शाह के विरुद्ध प्रथम दृष्टया कोई मामला नहीं बनता’’। इस कांग्रेसी षड्यंत्र का भी वही अंजाम हुआ जो अमित भाई के साथ चुनावी मुकाबले में हुआ था। उन्हें 90 दिनों के भीतर उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया और प्रतिशोध की राजनीति बुरी तरह परास्त हुई। 2015 विशेष सीबीआई अदालत ने भी अमित भाई को सभी आरोपों से इस रिमार्क के साथ मुक्त कर दिया कि यह केस ’’राजनीति से प्रेरित’’ था।

भाजपा ने अमित भाई के समर्पण, परिश्रम और संगठनात्मक क्षमताओं को सम्मानित कर उन्हें 2014 में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के पद पर नियुक्त किया। ज्यादा शक्तियों के साथ ज्यादा जिम्मेदारियां आती हैं। भाजपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद अमित भाई ने पार्टी की विचारधारा को आगे बढ़ाने तथा पार्टी के सदस्यता आधार के विस्तार के लिए देश के हर राज्य का दौरा किया। उनके इस अभियान के परिणाम चकित करने वाले रहे। दस करोड़ से भी अधिक सदस्यों के साथ उन्होंने भाजपा को दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी बना दिया। भाजपा को सशक्त करने के अपने संकल्प को उन्होंने यहीं विराम नहीं दिया बल्कि पार्टी की विचारधारा के प्रसार एवं जन संपर्क बढ़ाने के लिए उन्होंने बहुत से कार्यक्रम प्रारंभ किए। इनमें से एक कार्यक्रम था “महासंपर्क अभियान” जिसका लक्ष्य नए बने सदस्यों को पार्टी की मुख्यधारा में लाकर उन्हें पार्टी के कार्यक्रमों में सक्रिय करना था।

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व एवं अमित भाई की सुविचारित चुनावी रणनीतियों का ही यह परिणाम था कि बतौर पार्टी अध्यक्ष अमित भाई के कार्यकाल के पहले वर्ष में भाजपा ने पांच में से चार विधानसभा चुनावों में विजय प्राप्त की। महाराष्ट्र, झारखंड व हरियाणा में पार्टी के मुख्यमंत्री बने तथा जम्मू और कश्मीर में उप मुख्यमन्त्री के पद के साथ भाजपा गठबंधन सरकार का हिस्सा बनी।

साभार : http://amitshah.co.in/