भोपाल। शिवराज सरकार पूर्ववर्ती कमलनाथ सरकार का कोई भी फैसला यथावत लागू करने में विश्वास नहीं करती यह बात एक बार फिर उस वक्त प्रमाणित हो गई, जबकि नई प्रस्तावित बरगी तहसील में केवल जबलपुर तहसील को तोड़ कर मिलाने का निर्णय राजस्व विभाग ने ले लिया । कमलनाथ चाहते थे कि बरगी तहसील बने तो उसमें जबलपुर और शहपुरा तहसील तोड़कर मिलाई जाए। 

राज्य के जबलपुर जिले में बरगी नवीन तहसील बनेगी लेकिन इसे सिर्फ वर्तमान जबलपुर तहसील को तोडक़र बनाया जायेगा तथा शहपुरा तहसील नहीं तोड़ी जायेगी। राजस्व विभाग ने इस संबंध में निर्णय ले लिया है तथा कुछ दिनों के बाद बरगी नवीन तहसील विधिवत रुप से गठित कर दी जायेगी।

दरअसल पिछली कमलनाथ सरकार ने 23 जनवरी 2020 को कवायद की थी कि जबलपुर जिले में नवीन बरगी तहसील बनायी जायेगी तथा जिसमें वर्तमान तहसील शहपुरा के राजस्व निरीक्षक मंडल चरगवां के पटवारी हल्का नंबर 66, 67, 69 से 81 एवं 85 तथा वर्तमान तहसील जबलपुर के राजस्व निरीक्षक मंडल जबलपुर-2 के पटवारी हल्का नंबर 25 से 30 एवं राजस्व निरीक्षक मंडल बरगी के पटवारी हल्का नंबर 31 से 66 एवं 101 से 102, इस प्रकार कुल 61 पटवारी हल्के नवीन तहसील बरगी में शामिल होंगे। इसके लिये उस समय प्रारुप अधिसूचना भी जारी कर दी गई थी। लेकिन मार्च 2020 में शिवराज सरकार के आने पर इस पर अमल रोक दिया गया था।

अब शिवराज सरकार ने नई प्रारुप अधिसूचना जारी की है जिसमें कहा गया है कि नवीन तहसील बरगी में वर्तमान तहसील जबलपुर के राजस्व निरीक्षक मंडल जबलपुर-2 के पटवारी हल्का नंबर 25 से 30 तथा राजस्व निरीक्षक मंडल बरगी के पटवारी हल्का नंबर 31 से 66 एवं 101 से 103, इस प्रकार कुल 45 पटवारी हल्के नवीन तहसील बरगी में शामिल किये जायेंगे।

आठवीं तहसील होगी बरगी :
वर्तमान में जबलपुर जिले में सात तहसीलें हैं जिनमें शामिल हैं : जबलपुर, कुण्डम, सिहोरा, पाटन, मझौली, शहपुरा एवं पनागर। बरगी तहसील बनने से इनकी संख्या बढक़र आठ हो जायेगी। राजनैतिक विराधों के चलते अब शहपुरा तहसील को नहीं काटा जा रहा है तथा सिर्फ जबलपुर तहसील का ही हिस्सा ही बरगी में शामिल किया गया है।