मध्य प्रदेश के रतलाम के एक और लाल देश की सेवा करते हुए शहीद हो गए हैं। रतलाम के मावटा गांव के रहने वाले लोकेश कुमावत इंफाल में आतंकियों के साथ हुई झड़प में शहीद हो गए। शहीद का पार्थिव शरीर आज गांव पहुंचेगा, जहां देश के बेटे की अंतिम विदाई की तैयारी चल रही है।

2019 में सेना में शामिल हुए
उल्लेखनीय है कि लोकेश कुमावत महज 22 साल के थे और साल 2019 में सेना में भर्ती हुए थे। हैदराबाद में ट्रेनिंग के बाद पहली पोस्टिंग मणिपुर में हुई थी और फिलहाल वह इंफाल में पोस्टिंग पर थे। लोकेश कुछ महीने पहले छुट्टी पर घर आये थे और फिर ग्रामीणों ने संगीत पर तिलक लगाकर उसका स्वागत किया। इस रिसेप्शन का वीडियो भी वायरल हुआ था, लेकिन अब बेटे की शहादत पर पूरा गांव शोक में है। आज लोकेश कुमावत का अंतिम संस्कार गांव में ही पूरे सैन्य सम्मान के साथ किया जाएगा।

लोकेश की शहादत पर राज्य के राज्यपाल मंगूभाई पटेल ने भी दुख जताया है। लोकेश की शहादत की सूचना मिलने के बाद उनके परिजन इंदौर एयरपोर्ट के लिए रवाना हो गए हैं। शहीद के परिवार में माता-पिता और एक छोटा भाई है।