AIMIM के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि सरकार ने कृषि कानून को निरस्त करने का फैसला देर से लिया। यह किसान आंदोलन और किसानों की सफलता है। ओवैसी ने भी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि उसने कानून को निरस्त कर दिया क्योंकि वह चुनाव हारने वाली थी। वह दिन दूर नहीं जब केंद्र सरकार CAA कानून को निरस्त कर देगी।
सरकार ने कृषि क़ानूनों को रद्द करने का फ़ैसला देरी से लिया है। यह किसान आंदोलन और किसानों की सफलता है। चुनाव में जाना था इसलिए केंद्र सरकार ने यह फ़ैसला लिया है। वह दिन भी दूर नहीं है, जब मोदी सरकार CAA का क़ानून भी वापस लेगी: AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी, दिल्ली pic.twitter.com/hCc8EI91FA
— ANI_HindiNews (@AHindinews) November 19, 2021
इस बीच, ओवैसी ने कहा कि सरकारें जन आंदोलन को हराने में कभी सफल नहीं हुई, केवल उसे परेशान कर रही है। ओवैसी ने एक ट्वीट में लिखा कि चुनाव और कानून के खिलाफ अभियान ने सरकार को पुनर्विचार करने के लिए मजबूर किया था।
विपक्ष पहले दिन से यही कह रहा था :
ओवैसी ने यह भी कहा कि विपक्ष पहले दिन से कह रहा था कि ये तीन कृषि कानून असंवैधानिक हैं। केंद्र सरकार को ऐसे संवैधानिक कानून बनाने का कोई अधिकार नहीं है। ये कानून केवल अहंकार की संतुष्टि के लिए बनाए गए थे। इस काले कानून के कारण 700 किसानों को अपनी जान देनी पड़ी। उन्होंने कहा कि जब लोग विरोध करने के लिए सड़कों पर उतरे तो सरकार डर गई। यह सभी किसानों की जीत है।
दहन पर हैं उन के गुमाँ कैसे कैसे
— Asaduddin Owaisi (@asadowaisi) November 19, 2021
कलाम आते हैं दरमियाँ कैसे कैसे
ज़मीन-ए-चमन गुल खिलाती है क्या क्या
बदलता है रंग आसमाँ कैसे कैसे #FarmLaws 1/2
CAA कानून पर फिर एक बयान :
उन्होंने आगे लिखा कि CAA विरोधी अभियान ने देश में राष्ट्रीय स्तर पर एनआरसी को लागू करने पर विराम लगा दिया है। CAA के नियम अभी भी लंबित हैं। किसानों की मेहनत से ही किसानों को सफलता मिली है।