भोपाल. पालपुर कूनो सेंचुरी और नेशनल पार्क की स्थापना से अब तक 100 करोड़ रुपए से अधिक खर्च हो गए है. सहरिया आदिवासी परिवारों को विस्थापित भी किया जा चुका है. उसके बाद भी अब तक एशियन लायन नही सका. एशियन लायन कुनो लाने का चैप्टर क्लोज होने के बाद अब दक्षिण अफ्रीका से चीता लाने की पहल शुरू हुई तो उसमें भी बाधाओं का सिलसिला शुरू हो गया है. यही वजह है कि तारीख पर तारीख बढ़ती जा रही है किंतु चीता लाने की अनिश्चितता के बादल छंटते नजर नहीं आ रहे हैं. पालपुर कूनो में आई बारिश की तबाही के बाद दक्षिण अफ्रीका में सांप्रदायिक दंगे और अब कोरोना के नए वायरस संक्रमण के चलते दो बार आला अधिकारियों के दौरे निरस्त हो गए. अब अगले 6 महीने तक दक्षिण अफ्रीका शेर चीता लाने के प्रयासों पर धुंध छा गई है.

राजधानी के जाने-पहचाने ज्योतिषी पंडित अरविंद तिवारी को पालपुर कूनो की स्थापना दिवस बेचकर कुंडली बनवाई. ज्योतिषी अरविंद तिवारी ने कुंडली तैयार की और उसका गहन अध्ययन किया. ज्योति तिवारी ने पालपुर कूनो के वास्तु दोष बताते हुए कहा है कि पालनपुर कूनो  की स्थापना 16 जनवरी 1981 को की गई थी.वर्तमान में पार्क की कुंडली पर नजर डालें तो विंशोत्तरी दशा बृहस्पति की महादशा में बुध का प्रत्यंतर चल रहा है. जोकि 24 जनवरी 2021 से प्रारंभ हुआ है और 2 मई 2023 तक चलेगा. पालनपुर की कुंडली में बुध ग्रह अस्त होकर पड़ा हुआ है. इसके चलते इस दशा में कुछ विशेष हो पाएगा, इस बारे में संदेह है. शायद वास्तुदोष की वजह से ही एशियन लायन नहीं आ सका. अब दक्षिण अफ्रीका से चीता लाने पर रोड़ा अटकने लगा है.  इस उद्यान में गुजरात से गिर के एशियाई लायन को लाया जाना था.

वास्तु दोष के चलते ही एशियाई लायन नहीं आ सका. यह अभ्यारण ने मध्यप्रदेश के श्योपुर और मुरैना जिलों के बीच में स्थित है. इसका क्या भविष्य है ? इसका विश्लेषण पंडित तिवारी ने ज्योतिष के आधार पर करने का प्रयास किया है. 16 जनवरी 1981 को इसकी स्थापना हुई. इस पार्क की कुंडली कुछ इस प्रकार से बनती है कि वृषभ लग्न और वृषभ राशि का यह पार्क है और जिस समय इसकी स्थापना हुई उस समय कर्म क्षेत्र का स्वामी बृहस्पति के साथ बैठा हुआ है, जोकि शनि है. शनि के बारे में हम जानते हैं कि जिस कुंडली में यह कर्म और भाग्य का स्वामी होता है. उसमें कार्य बहुत आसानी से नहीं हो पाता अर्थात बहुत मेहनत की आवश्यकता होती है. वहीं इस राशि का स्वामी ग्रह यानी वृषभ लग्न का स्वामी ग्रह शुक्र और धनु राशि यानी गुरु की राशि में बैठा हुआ है, क्योंकि नाम से पालनपुर कुनो है परंतु इसकी राशि कन्या ना होकर वृषभ राशि है और मंगल, बुध, सूर्य और केतु इस सभी ग्रह मकर राशि में बैठे हैं. मकर राशि में मंगल उच्च का ग्रह माना जाता है. जिसके कारण बार-बार इस पार्क को चर्चा में लाने का केंद्र बनाता है. राहु का भाग्य स्थान पर दृष्टि डालना इस कुनो को सफल बनाने में बहुत बड़ी बाधा माना जा सकता है. 

वास्तुदोष दूर करने के सुझाव

मेरा मानना है कि यदि पार्क के दक्षिण हिस्से को पेड़ों से स्थापित किया जाए या उस स्थान पर सबसे ज्यादा ऊंचे-ऊंचे पेड़ लगाए जाएं. जिससे इस पार्क का वास्तु भी ठीक हो सके. इसके बाद जिस उद्देश्य से इस पार्क की स्थापना की गई है, उस उद्देश्य की पूर्ति अवश्य होगी.

फैक्ट फाइल

कूनो-पालपुर नेशनल पार्क में वर्ग किमी में वन्यप्राणी की संख्या
वन्यप्राणी - वर्ग किमी
- चीतल -    52.87
- सांभर -     0.66
- नीलगाय -  1.77
- जंगली सुअर - 6.03
- चिंकारा - 0.19
- गाय - 32.91
- भैंस - 0.34