उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए बीजेपी ने उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी कर दी है. इस लिस्ट में बीजेपी ने 107 लोगों को टिकट दिया है. इस लिस्ट की खास बात ये है कि ये लिस्ट बीजेपी के हालिया दौर को देखते हुए बनाई गई है. यानी बीजेपी ने ओबीसी और दलित उम्मीदवारों को 60 फीसदी टिकट दिया है. खास बात यह है कि बीजेपी ने सामान्य सीटों पर भी दलित उम्मीदवारों को टिकट दिया है. बीजेपी ने उम्मीदवारों के नामों की घोषणा कर दी है. चर्चाओं के विपरीत अब सीएम योगी आदित्यनाथ गोरखपुर शहर से चुनाव लड़ेंगे. डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य प्रयागराज की सिराथू सीट से चुनाव लड़ेंगे. बीजेपी ने नोएडा के मौजूदा विधायक पंकज सिंह को टिकट दिया है. जबकि नंदकिशोर गुर्जर को लोनी से टिकट दिया गया है.
गौतमबुद्धनगर की तीनों सीटों पर बीजेपी से सिर्फ मौजूदा विधायक को टिकट मिला है. नोएडा के मौजूदा विधायक पंकज सिंह को उम्मीदवार बनाया गया है. दादरी विधानसभा से तेजपाल नगर को बीजेपी प्रत्याशी बनाने का ऐलान हो गया है. वहीं, मौजूदा विधायक धीरेंद्र सिंह को टिकट मिला है.
भाजपा पर दलित विरोधी और ओबीसी विरोधी होने का आरोप :
अखिलेश यादव के साथ समाजवादी पार्टी में शामिल हुए नेताओं ने बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाए थे. भाजपा की योगी सरकार में पूर्व मंत्री रहे स्वामी प्रसाद मौर्य और धर्म सिंह सैनी ने कहा कि भाजपा केवल अग्रणी नेताओं की पार्टी है. भाजपा ने दलितों और पिछड़े वर्गों के साथ विश्वासघात किया है. इन आरोपों को मिटाने के लिए बीजेपी ने अब 60 फीसदी दलितों और पिछड़े वर्गों को टिकट देकर अपनी छवि कों ठीक करने का प्रयास किया है.
भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवारों की पहली सूची में 60% ओबीसी और दलित उम्मीदवार हैं. हाल ही में बीजेपी से इस्तीफा देने वाले 14 विधायकों ने बीजेपी पर फ्रंट पार्टी होने का आरोप लगाया था. सबने एक ही बात कही कि बीजेपी पिछड़ी और दलित विरोधी पार्टी है.
महिलाओं को भी मिला टिकट :
बीजेपी की लिस्ट पर नजर डालें तो कुल 107 उम्मीदवारों में से 44 पिछड़ी जातियों के हैं. 19 उम्मीदवार अनुसूचित जाति से हैं. इसके अलावा बीजेपी ने दस महिलाओं को टिकट दिया है. 107 में से 63 मौजूदा विधायकों को भी टिकट मिल गया है.
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