नई दिल्ली: अगले कुछ दिनों बाद 26/11 के आतंकी हमले को 13 साल पूरे हो जाएंगे. इससे पहले ही कांग्रेस नेता मनीष तिवारी की किताब को लेकर हुए विवाद ने हमले की यादें ताजा कर दी हैं. मनीष तिवारी ने 2008 के मुंबई आतंकी हमले को लेकर तत्कालीन मनमोहन सिंह सरकार पर निशाना साधा है.

कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने अपनी किताब 'टेन फ्लैश पॉइंट्स, ट्वेंटी इयर्स' में मुंबई हमलों के बाद कोई कार्रवाई नहीं करने को लेकर तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर निशाना साधा. 'मुंबई हमलों के बाद भारत को पाकिस्तान के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए थी, मनीष तिवारी ने अपनी किताब में कहा है कि इस तरह की कार्रवाई न करना कमजोरी की निशानी है.

अगर किसी देश को निर्दोष लोगों की हत्या का कोई पछतावा नहीं है तो संयम ताकत का संकेत नहीं हो सकता है यह कमजोरी की निशानी है. यह कहते हुए कि 26/11 एक ऐसा समय था जब शब्दों के बजाय कार्रवाई की आवश्यकता थी, तिवारी ने मुंबई हमलों की तुलना संयुक्त राज्य अमेरिका में हुए 9/11 के आतंकवादी हमलों से की. उस समय, संयुक्त राज्य अमेरिका की तरह भारत को भी जवाबी कार्रवाई करने की जरूरत थी, तिवारी ने कहा. मनीष तिवारी की लिखी यह चौथी किताब जल्द ही उपलब्ध होगी.

गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब मनीष तिवारी ने अपनी ही पार्टी पर निशाना साधा हो. इससे पहले उन्होंने पंजाब में राजनीतिक अस्थिरता की बात करते हुए पार्टी नेतृत्व की आलोचना की थी. उन्होंने कहा था कि जिन्हें पंजाब की जिम्मेदारी दी गई है, वे इसे नहीं समझते. उन्होंने कन्हैया कुमार के कांग्रेस में प्रवेश पर भी सवाल उठाया था.

बीजेपी की आलोचना करने का भी मौका :

मनीष तिवारी द्वारा मनमोहन सिंह सरकार की आलोचना ने भाजपा को कांग्रेस की आलोचना करने का पर्याप्त अवसर दिया है. बीजेपी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने ट्वीट कर इस मामले में जानकारी दी. साथ ही पार्टी प्रवक्ता गौरव भाटिया ने भी कांग्रेस पर हमला बोला है,  गौरव भाटिया ने कहा ,मनीष तिवारी ने जो बात अपनी पुस्तक में कही, जिसको हम सभी ने मीडिया में देखा है. ये कहना गलत नहीं होगा कि जो तथ्य सामने आए हैं, इसको कांग्रेस की विफलता का कबूलनामा कहना ही उपयुक्त होगा. इस पुस्तक का सारांश है कि संयम शक्ति की निशानी नहीं है, 26/11 के मुंबई हमले के समय संयम कमजोरी माना जा सकता है. भारत को उस समय कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए थी. जब कांग्रेस की विफलताओं का ये कबूलनामा पढ़ा तो हर भारतीय की तरह हमें भी बड़ी पीड़ा हुई.


मनीष तिवारी ने 26/11 के हमलों के बाद यूपीए सरकार की कमजोरी की आलोचना की है. एयर चीफ मार्शल फली मेजर ने भी कहा कि हमले के बाद वायुसेना सख्त कार्रवाई के लिए तैयार थी, लेकिन यूपीए सरकार ने इससे इनकार किया. पुनावला ने यह भी कहा कि कांग्रेस ने 26/11 के लिए हिंदुओं को जिम्मेदार ठहराकर पाकिस्तान को बचाने की कोशिश की थी.