नगर निगम के 157 पार्कों को हरा-भरा रखने में होगा इस्तेमाल..

 

राजधानी में दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन के बाद करीब 25 टन फूल और एक ट्रक नींबू एकत्रित हुए है। फिलहाल इनकी छंटाई का काम जारी है। भेजकर एक निजी कंपनी द्वारा जैविक खाद बनाने के लिए उपयोग किया जाएगा। दूसरी तरफ नगर निगम ने दुर्गा प्रतिमाओं के करीब 500 से ज्यादा स्ट्रक्चर एकत्रित किए है। धार्मिक आस्था को देखते हुए नगर निगम द्वारा सभी घाटों पर एकत्रित हुए फूल, बेलपत्र सहित अन्य सामग्री को अलग-अलग रखने के लिए कंटेनर रखे गए थे।

 

बता दें कि गणेश विसर्जन के मुकाबले करीब 20 फीसद ज्यादा सामग्री इस बार एकत्रित हुई है। निगमकर्मी जिन मूर्तियों को लेकर यहां पहुंचे, वे फूल व अन्य सामग्री अलग-अलग ही रख रहे थे। इसके अलावा मूर्तियां लेकर सीधे घाट पर पहुंचने वालों को भी सामग्री अलग-अलग रखने की समझाइश दी गई थी। बड़ी मात्रा में फूल एकत्रित होने पर अब इन्हें कैप्सूल गाड़ियों में भरकर आदमपुर छावनी ले जाया जा रहा है। आदमपुर छावनी में निकोफ कंपनी गीले कचरे से खाद बनाती है। फूलों से जैविक खाद बनाने का जिम्मा भी उसे ही दिया गया है।

 

बता दें कि गणपति प्रतिमा विसर्जन के दौरान फूल एकत्रित हुए थे। जिनसे बनाई गई खाद का उपयोग नगर निगम के पार्कों में किया गया था। स्वच्छता में अच्छी रैंक पाने के लिए निगम यह नवाचार कर रहा है। शहर में करीब 1800 स्थानों पर दुर्गा प्रतिमा विराजित की गई थी। इसके चलते अधिक संख्या में पूजन सामग्री एकत्रित हुई है।

 

नगर निगम के अपर आयुक्त एमपी सिंह ने बताया कि निगम के करीब 157 पार्क हैं। वहीं नए पार्क भी विकसित किए जा रहे हैं। धार्मिक आस्था को देखते हुए फूलों से जैविक खाद बनाने का निर्णय लिया गया है। इधर, प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड ने सभी विसर्जन स्थलों से पानी के सैंपल ले लिए है। इन सैंपलों की जांच के बाद दूषित हुए पानी का स्तर जांचा जाएगा और रिपोर्ट जारी की जाएगी।