आज हम आपको बताने जा रहे हैं भोपाल के एकमात्र कॉलेज के बारे में जहां पर गुरुकुल और आश्रम परंपरा चलती है| यह कॉलेज लालघाटी गुफा मंदिर परिसर में स्थित है| इस कॉलेज का नाम रामानंद संस्कृत महाविद्यालय है| यहां पर गुरुकुल और आश्रम परंपरा अभी भी बरकरार है| 

यह कॉलेज 60 साल से ज्यादा समय से संचालित है| यहां जो भी छात्र रहते हैं उनके लिए रहने और खाने की निशुल्क व्यवस्था की जाती है| यहां के छात्रों की ड्रेस धोती कुर्ता है|

यहां पर वेद पाठ, पांडित्य और कर्मकांड का अध्यापन किया जाता है| उन्हें व्यावहारिक रूप से सिखाया जाता है|

इस संस्थान के छात्र दिल्ली बनारस प्रयागराज चेन्नई जैसी जगहों पर लेक्चरर बन चुके हैं| यहां पर हर साल ढाई सौ से 300 छात्र अध्ययन करते हैं| यहां प्रथमा मध्यमा शास्त्री और आचार्य के साथ ही व्याकरण ज्योतिष हिंदी अंग्रेजी और समाजशास्त्र जैसे विषयों की क्लासेस लगाई जाती है| यहां पर शिक्षक को आचार्य कहा जाता है|

महाविद्यालय की स्थापना 1962 में की गई थी| महाविद्यालय की स्थापना 1962 में गुफा मंदिर के महंत श्री नारायण दास त्यागी द्वारा की गई थी| 1972 में माध्यमिक और 1979 में उच्चतर संस्कृत विद्यालय का दर्जा प्राप्त हुआ| मध्य प्रदेश की सरकार ने 1986 में इसे 69 स्नातक ग्रेजुएट संस्कृत महाविद्यालय का दर्जा दिया 1993 में व्याकरण विषय में यहां पर पोस्ट ग्रेजुएट यानी स्नातकोत्तर classes शुरू करने की अनुमति दी गई|