भोपाल: मप्र के कई जिलों में खाद की आपूर्ति लड़खड़ाने के बाद कोहराम से सरकार न सिर्फ चिंतित है बल्कि तीन दिन से युध्दस्तर पर प्रयास भी शुरू हो गये है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने केंद्रीय मंत्री से भी बात की है और वे चुनाव प्रचार अभियान से फ्री होने के बाद से लगातार हालातों की समीक्षा कर रहे हैं। जिला प्रशासन को कड़े निर्देश दिए गए हैं कि जो खाद की कालाबाजारी करेगा उसे रासुका में जेल भेजा जाए। उल्लेखनीय है कि मप्र में खाद का संकट बीते तीन सप्ताह से चल रहा है। 

केंद्र से आएगी खाद की नयी खेप नवंबर तक सुधरेंगे हालात..

Cm ने कहा है कि किसान आश्वस्त रहें, हम पूरी ताकत से खाद की व्यवस्था में लगे हैं और इसमें हमें भारत सरकार का पूरा सहयोग भी मिल रहा है। चिंता करने की आवश्यकता नहीं है, बस धैर्य रखें, यह निवेदन है। सीएम ने कहा कि 31 अक्टूबर तक प्रदेश में 31 रैक आएगी। 

अब 31 की बजाय 32 रैंक प्रदेश में आ रही हैं। मैं लगातार केंद्र सरकार के संपर्क में हूं। आपूर्ति के संबंध में केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री मनसुख मांडविया से फोन पर चर्चा की है। उन्होंने नवंबर के लिए आश्वस्त किया है कि मध्यप्रदेश को आवश्यकता अनुसार यूरिया और डीएपी. उपलब्ध कराया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने ली बैठक:

मुख्यमंत्री ने कल शाम अपने निवास पर प्रदेश में खाद की उपलब्धता की स्थिति की समीक्षा बैठक की इसमें गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा, मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस, अपर मुख्य सचिव कृषि अजीत केसरी तथा अन्य अधिकारी उपस्थित थे। चौहान ने बाद में मीडिया को जारी संदेश में कहा कि कंट्रोल रूम बनाकर जिलों में खाद की आपूर्ति और न्यायपूर्ण वितरण की व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखी जाए। जो जरूरत से अधिक खाद खरीद रहे हैं, उन पर नजर रखी जाए। 

कलेक्टर अपने स्तर पर लोगों को खाद की आपूर्ति और राज्य सरकार द्वारा की जा रही व्यवस्थाओं के संबंध में जागरूक करें। बैठक में जानकारी दी गई कि केंद्र द्वारा नवम्बर माह के लिए 6 लाख मीट्रिक टन यूरिया और 6 लाख मीट्रिक टन डी.ए.पी. की प्रदेश को आपूर्ति की जाएगी।