छग से आए हाथियों का उत्पात, पकड़ने की तैयारी...

सरकार ने कमेटी बनाई:

बताते हैं कि सरकार ने हाल ही में एक कमेटी बनाई है। इनमें हाथी विशेषज्ञ डॉ. एस. सुकुमार भी शामिल हैं बताया जा रहा है यह हाथी पश्चिम बंगाल से झारखंड भी आते हैं। छत्तीसगढ़ में करीब चार साल पहले तक यह समस्या थी, लेकिन अब मध्यप्रदेश में भी यह स्थायी समस्या बन गई है। साढ़े तीन साल पहले आया 45 हाथियों का दल राज्य छोड़ने को तैयार नहीं है। यह अब उमरिया जिले के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व क्षेत्र में और सात से नौ सीधी जिलों के संजय दुबरी टाइगर रिजर्व में रहते हैं।

बताया जाता है कि फिलहाल वन विभाग की योजना है कि इन हाथियों को पकड़ने के बाद टाइगर रिजर्व में सफारी का उपयोग किया जाए। छत्तीसगढ़ से आये यह हाथी मध्य प्रदेश में साढ़े तीन साल से डेरा डाले हैं इनकी संख्या 45 है वहीं तीन सप्ताह पहले 25 हाथियों का नया दल यहां आया है। 

अनूपपुर के रास्ते मध्य प्रदेश में प्रवेश करने वाली हाथियों की इस टीम ने न केवल फसलों को नुकसान पहुंचाया, बल्कि ग्रामीणों की झोपड़ियों को भी तबाह कर दिया। इन हाथियों से निपटने के लिए अब राज्य स्तर पर तैयारी की जा रही है। हालांकि, मुख्य वन्यजीव वार्डन की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय समिति द्वारा निर्णय लिया जाएगा।