भोपाल:

कुछ दिन पहले ज्योति टॉकीज के पास से रेस्क्यू किए गए मानसिक मंदता से ग्रस्त किशोर ने आखिरकार अपने घर का पता बता दिया है। किशोर की मां जेल में है और वह अपनी नानी के साथ रहता है। नानी भीख मांगने का काम करती है। इसके चलते अभी नानी से संपर्क नहीं हो पाया है। मामले में एमपी नगर पुलिस की मदद ली गई, जिसके बाद परिवार के बारे में पूरी जानकारी मिल सकी।

फिलहाल बच्चा बाल कल्याण समिति के संरक्षण में है जिसे नानी को सौंपा जाएगा। बता दें कि सिटी चाइल्ड लाइन को बीते हफ्ते मानसिक मंदता से ग्रस्त एक किशोर के ज्योति टॉकीज के आस-पास घूमने की जानकारी मिली। 

कॉलर ने बताया कि किशोर ढंग से बोल भी नहीं पा रहा है। मामले में चाइल्ड लाइन ने किशोर को रेस्क्यू किया और चाइल्ड लाइन ऑफिस लेकर आए। करीब आठ दिन पहले रेस्क्यू किए गए किशोर के परिवार के बारे में अब जानकारी मिल पाई है।

लिखकर बताया पता:

चाइल्ड लाइन कॉर्डिनेटर राशि असवानी ने बताया कि किशोर की उम्र का कोई दस्तावेज नहीं मिला है, लेकिन संभवत वह 17 वर्ष के करीब होगा। उन्होंने बताया कि किशोर ढंग से बोल नहीं पाता। रेस्क्यू किए जाने के बाद वह चाइल्ड लाइन ऑफिस रहा, लेकिन जब परिवार के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल पाई तो समिति के आदेश पर उसे शेल्टर होम में शिफ्ट कर दिया गया। 

यहां लगातार किशोर से बात करने का प्रयास किया गया, जिसके बाद सोमवार को उसने अपना पता लिखकर बताया। पुलिस विभाग की मदद से जब यहां जानकारी निकाली गई तो पता चला कि बच्चे की नानी भीख मांगने जाती है। नानी भी अपने स्तर पर किशोर को खोज रही है, लेकिन संभवत- कोई मिसिंग कंप्लेंट फाइल नहीं की गई है। इसी वजह से अब तक किशोर को ट्रेस नहीं किया जा सका। 

मामले में नानी से अब तक सीधा संपर्क नहीं हो पाया है। नानी से संपर्क होने के बाद किशोर को उसकी नानी को सौंपा जाएगा।