राजधानी में स्थित मप्र जनजातीय संग्रहालय में कठपुतली कला की विविध शैलियों पर एकाग्र पुतुल समारोह का आयोजन किया जा रहा है। मप्र संस्कृति के सौजन्य से आयोजित यह कार्यक्रम पांच दिन तक चलेगा। गुरुवार को पुतुल समारोह के दूसरे दिन रामलीला एवं प्रणाम काकोरी की प्रस्तुति दी गई। शाहजहांपुर के कप्तान सिंह कर्णधार एवं साथियों ने र छड़ शैली में मनमोहक प्रस्तुति दस्ताना और छड़ र दी, जिसे देख दर्शक झूम उठे।
कार्यक्रम में कठपुतली मंचन के जरिए प्रस्तुति रामलीला की हुई। पहले भगवान श्रीराम का जन्म दर्शाया गया। इसके बाद लीला में ताड़का वध, सीता स्वयंवर, राम वनवास, शूर्पणखा की नाक काटने वाला दृश्य, सीता हरण, लंका में भगवान हनुमान और माता सीता का मिलना, लक्ष्मण शक्ति, श्री राम रावण युद्ध जैसे प्रसंगों को कठपुतलियों के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। दूसरी प्रस्तुति प्रणाम काकोरी में रामप्रसाद बिस्मिल, अशफाकउल्ला खां, राजेंद्रनाथ लाहिड़ी, ठाकुर रोशन सिंह, चंद्रशेखर आजाद एवं अन्य क्रांतिकारियों द्वारा वर्ष 1925 में काकोरी रेल लूट और अंत में क्रांतिकारियों को दी गई फांसी के दृश्यों को मंचित किया गया।
दोनों ही प्रस्तुतियों के दौरान लगभग 40 कठपुतली का प्रयोग किया गया। प्रस्तुति में नैन सिंह, फैजान खान, फाजिल खान, सचिन कुमार, वरूण कुमार, कप्तान सिहं, चित्राली कर्णधार के साथ अन्य कलाकारों ने अपनी कला का प्रदर्शन किया।