मप्र वन विभाग अब तक नहीं भेज पाया उन्हें अपने देश, एक की मौत, वन विहार में सेनेगल कछुए की मौत के बाद और पांच को खतरा..
ठंड में सेनेगल के एक कछुए की वन विहार नेशनल पार्क में मौत हो चुकी है। अब ठंड का सीजन दोबारा शुरू हो गया है। ऐसे में बचे पांच कछुओं पर फिर खतरा मंडराने लगा है। अफ्रीका महाद्वीप के सेनेगल देश में इन कछुओं का रहवास स्थल है जो कि काफी गर्म होता है। वहीं पर इनका जीवन चक्र बेहतर चलता है।
ठंड इनके लिए जानलेवा होता है। कम से कम 22 डिग्री तापमान के नीचे जीवन यापन करना इनके लिए मुश्किल होता है। यदि इन्हें ठंड में रखा जाए तो इनकी मौत तक हो सकती है।
साल 2018 में सिवनी से पकड़े गए छह कछुओं को वन विहार के एक कमरे में रखा जा रहा है। इनके लिए हीटर से लेकर अधिक वाट वाले बल्ब का उपयोग किया है जो इनके ऋत्रिम रूप से गर्मी रहवास स्थल उपलब्ध कराने में मदद करते हैं। इस बीच ठंड का प्रकोप बढ़ता है जो इन्हें असहज करता है। इसी के चलते इनमें से बीते सालों में एक कछुए की मौत हो चुकी है।
उल्लेखनीय है कि 26-27 नवंबर 2018 की रात सिवनी जिले में पुलिस व वन विभाग की संयुक्त कार्रवाई में में 6 कछुए पकड़े गए इन्हें अफ्रीका से बांग्लादेश के रास्ते भारत लाया गया था, जिन्हें मुंबई ले जाया जा रहा था। इन्हें डायरेक्टोरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (डीआरआई) इंदौर ब्रांच ने पकड़कर वन विहार नेशनल पार्क में रखवाया है।
वन विहार प्रबंधन ने इनके लिए खास इंतजाम किए हैं। रात में इन्हें जिस कमरे में रखा जाता है, वहां हीटर व अधिक वाट के बल्ब लगाए गए हैं ताकि इन्हें ठंड से बचाया जा सके। ठंडा फर्श, कछुओं में बेचैनी पैदा करता है, इसलिए प्लायवुड डालकर उस पर घास बिछाई है। सुबह से दोपहर 3 बजे तक इन्हें धूप में घुमाने का इंतजाम किया है, ये भोजन के रूप में प्राकृतिक घास खाते हैं।