ये ये हटो-हटो वाली नहीं, गले लगाने वाली सरकार है..

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पृथ्वीपुर विधानसभा सीट के लिये चुनावी सभा में फिर कांग्रेस नेता कमलनाथ की कार्यशैली पर तंज किया है। उन्होंने कहा है कि यह हटो चलो कहने वाली सरकार नहीं है बल्कि बाहें फैलाकर गले लगाने वाली भाजपा सरकार है। शिवराज ने यह भी कहा कि कमलनाथ मुख्यमंत्री थे तो मंत्रालय में जाकर सो जाते थे।

शिवराज ने क्षेत्र में कई अन्य सभाओं को भी संबोधित किया है। उन्होंने कहा कि हमने गरीबों के उत्थान लिये संबल जैसी अनेकों योजनाएं शुरु की थी, जिन्हें 15 महीने की कमलनाथ सरकार ने बंद कर दिया था।

अब हमने फिर से सभी योजनाएं शुरू की हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने कोई विकास कार्य तो किया नहीं बल्कि गरीबों को लाभ दे रही योजनाओं को बंद करने का पाप जरूर किया किया है। उन्होंने कहा कि नाथ मुख्यमंत्री बने तो वल्लभ भवन में सोने जाते थे, न कहीं आना, न जाना। इस अवसर पर मुख्यमंत्री धामना में दलित आदिवासी ठाकुर दास अहिरवार के घर भोजन करने पहुँचे। ठाकुर दास ने पूर्व की सभा में मुख्यमंत्री को दिया था भोजन का निमंत्रण।

खत्म होगी दूरिया...

रेगाँव में चुनावी सभा में कमलनाथ और अजय सिंह बार-बार बातचीत करते नजर आए।

'बाहें फैलाकर गला दबाने वाली सरकार'..

इधर प्रदेश कांग्रेस के मीडिया उपाध्यक्ष भूपेन्द्र गुप्ता ने मांग की है कि सरकार शपथ पूर्वक घोषणा करे कि सम्मान निधि केवल पात्र किसानों को दी जा रही है क्योंकि पूर्व में वह 2 लाख से अधिक किसानों से वापिस बसूल कर कृषक समाज का अपमान कर चुकी है।

गुप्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री यह स्वयं मानते हैं कि उनका प्रशासन हरे हरे सब्जबाग दिखाने में माहिर है। भ्रष्टाचार की खातिर पात्र-अपात्र का विचार किये बिना बांटो और कमीशन काटो के मिशन में लगे रहते हैं। ये बाहें फैलाकर गले लगने और गला दबाने वाली सरकार है। किसान पूछ रहे हैं कि बीज महंगे, खाद महंगी, डीजल महंगा, बिजली महंगी और पानी महंगा करके क्या मात्र दो हजार रुपट्टी से इसकी भरपाई हो सकती है? सरकार को भावनात्मक ठगी करने से बाज आना चाहिए।